15 वर्षीय बालिका के अपहरण के दोषी को 5 वर्ष का श्रम कारावास, 40 हजार रुपये जुर्माना

संवाददाता रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट 






कैमूर 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में कैमूर जिला पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश सह एडीजे-6 की अदालत ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को स्पीडी ट्रायल के तहत फैसला सुनाते हुए एकमात्र अभियुक्त सूरज कुमार उर्फ बम-बम कुमार को दोषी करार दिया है।


अदालत ने कुदरा थाना कांड संख्या 293/2024 एवं फास्ट ट्रैक ट्रायल संख्या 84/2024 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत दोषी पाए जाने पर अभियुक्त को 5 वर्ष के श्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर अभियुक्त को अतिरिक्त 6 माह का कारावास भुगतना होगा।


मामले की जानकारी देते हुए कैमूर जिला पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक शशि भूषण पांडे ने बताया कि घटना 13 अगस्त 2024 की सुबह करीब 4 बजे की है। 15 वर्षीय नाबालिग बालिका शौच के लिए घर से बाहर गई थी। आरोप है कि इसी दौरान जहानाबाद गांव निवासी सूरज कुमार उर्फ बम-बम कुमार उसे शादी करने की नीयत से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।


इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात साक्षियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया और स्पीडी ट्रायल के तहत सजा सुनाई।


फैसले के बाद न्यायालय द्वारा अभियुक्त को 5 वर्ष के श्रम कारावास के साथ 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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