सैरात की आड़ में रंगदारी टैक्स वसूली का कारोबार रोकने में शासन प्रशासन दिख रहा विफल

सूत्रों की माने तो अधिकारियों सहित कुछ मिडिया कर्मियों को भी मिलता है हिस्सेदारी 

कैमूर---- जिले के कुदरा नगर पंचायत के टेंडर स्वामी द्वारा सैरात की आड़ में करायें जा रहे रंगदारी टैक्स की कारोबार को रोकने में शासन प्रशासन दिख रहा विफल। आपको बताते चलें कि विगत गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 19 कुदरा भभुआं मोड़ के समीप प्रशासन के समक्ष सैरात के नाम पर वसूली का वीडियो वायरल हो रहा था। जिस संबंध में स्थानीय शासनिक प्रशासनिक पदाधिकारीयों से वार्तालाप किया गया तो उनके द्वारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के सिवा विश्वास जनक जबाब नहीं दिया गया। वही वरिय पदाधिकारी जिम्मेवारियों से भागते नजर आए। आपको बता दें नियमानुसार नगर पंचायत से गुजरने वाले मुख्य सड़क जैसे नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे या मुख्य जिला सड़क पर या उसके ठीक किनारे गाड़ियों को रोककर सैरात या तहबाजारी की वसूली करना पूरी तरह अवैध है।सैरात जैसे हाट, बाजार, मेला या पार्किंग की वसूली की नियम स्पष्ट हैं की मुख्य सड़कों पर अनुमति नहीं है।नगर निकाय या जिला परिषद के टेंडर का हवाला देकर भी मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों से किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क जैसी वसूली करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और रंगदारी की श्रेणी में आता है। पर कुदरा नगर पंचायत के सैरात टेंडर स्वामी द्वारा धड़ल्ले से कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 19 नगर पंचायत कुदरा भभुआं मोड़ पर सैरात वसूली की हवाला देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में रंगदारी टैक्स वसूली किया जाता है। विगत गुरुवार को मामला वरिय पदाधिकारीयों की संज्ञान में आने के बावजूद भी शुक्रवार को देखने को


मिला कि अवैध वसूली जारी है। जिससे स्पष्ट होता है कि रंगदारी टैक्स वसूली की कारोबार पर रोक लगाने में शासन प्रशासन विफल है।

सूत्रों की माने तो अधिकारियों सहित कुछ मिडिया कर्मियों को भी मिलता है हिस्सेदारी 

वही सूत्रों की मानें तो नगर पंचायत सैरात टेंडर स्वामी के द्वारा अवैध वसूली की कारोबार बरकरार रखें रहने हेतु अधिकारियों सहित कुछ मीडिया कर्मियों को भी हिस्सेदारी दिया जाता है।

रिपोर्टर

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