ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों ने पंचायती राज मंत्री के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा आवेदन
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 16, 2026
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बिहार--- जिला के ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के इस्तीफे की मांग की है। इस दौरान ग्राम कचहरी को सर्वसुविधा संपन्न बनाने, प्रतिनिधियों और कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी तथा ग्राम कचहरी के अधिकारों का प्रभावी अनुपालन कराने की मांग उठाई गई। कार्यक्रम में बिहार प्रदेश पंच-सरपंच संघ के प्रदेश महासचिव दिलीप सिंह, कैमूर जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, दुर्गावती प्रखंड से वसीम खान व अबार खान, कुदरा प्रखंड अध्यक्ष रामसूरत सिंह, भभुआं प्रखंड से सरपंच प्रतिनिधि उपेंद्र छैला, नुआंव प्रखंड से गजेंद्र यादव व देवेंद्र जी तथा मोहनिया प्रखंड अध्यक्ष सुखविलास राम सहित कई प्रतिनिधि और उनके साथी शामिल हुए।
प्रतिनिधियों का आरोप है कि ग्राम कचहरी से जुड़े मामलों में अधिकारियों द्वारा उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि ग्राम कचहरी को मजबूत बनाने के लिए कई बार निर्देश जारी किए गए, लेकिन उनका धरातल पर समुचित अनुपालन नहीं हो सका है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि ग्राम कचहरी को नोटिस की तामिला के लिए चौकीदार की व्यवस्था की जाए और जिस दिन ग्राम कचहरी में सुनवाई या निर्णय हो, उस दिन सुरक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों और कर्मियों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, ग्राम कचहरी को प्रदत्त धारा 90 से 122 के प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने तथा 12 जून 2025 को मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना में प्रतिनिधि संघों के साथ हुई बैठक में लिए गए निर्णयों को पूरी तरह लागू करने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने ग्राम कचहरी में कार्यरत कर्मियों को मान्यता देने, वर्ष 2008 से निर्वाचित ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन सुविधा देने के प्रस्ताव को कैबिनेट में रखने, ग्राम कचहरी की सुनवाई से संबंधित राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की मांग भी रखी। वहीं शराब, गांजा, चरस, अफीम सहित नशीले पदार्थों के इस्तेमाल पर रोकथाम और इससे जुड़े मामलों में ग्राम कचहरी को अधिकार देने तथा पुलिस प्रशासन से पूर्ण सहयोग की मांग की गई।प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि ग्राम कचहरी के प्रतिनिधियों पर होने वाले झूठे मुकदमों, मारपीट या हत्या जैसे मामलों को विशेष प्रतिवेदित मामला मानते हुए स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कार्रवाई कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सप्तम एवं अष्टम वित्त आयोग की राशि ग्राम कचहरियों को उपलब्ध कराने, पूर्व की तरह सरपंच और उपसरपंच को न्यायिक अधिकार प्रदान करने तथा ग्राम कचहरियों को प्रतिमाह 55 हजार रुपये कंटीजेंसी एवं विविध खर्च देने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने पंच, सरपंच, उपसरपंच, न्याय मित्र और सचिव समेत ग्राम कचहरी से जुड़े सभी कर्मियों के मानदेय एवं भत्ते में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


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