जमुरनी गांव में कोट की भवानी मां के दरबार में गूंजा रामचरितमानस पाठ, वाराणसी से मुंबई तक दिखा उत्साह

लाइव प्रसारण के जरिए देश के विभिन्न शहरों में बसे ग्रामीणों ने भी लिया संगीतमय पाठ का आनंद, श्रद्धालुओं ने किया यथाशक्ति सहयोग

संवाददाता पिन्टू कुमार तिवारी की रिपोर्ट 

दुर्गावती (कैमूर)। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्गावती प्रखंड अंतर्गत जमुरनी गांव स्थित कोट की भवानी मां के प्रांगण में 24 घंटे का संगीतमय रामचरितमानस पाठ आयोजित किया गया। धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में दूर-दराज से पहुंचे कलाकारों ने अपनी संगीतमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम को लेकर गांव से लेकर वाराणसी और मुंबई तक बसे लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।


कार्यक्रम का शुभारंभ वेदाचार्य पंडित प्रद्युम्न तिवारी के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके बाद रामचरितमानस की चौपाइयों और भक्ति संगीत से मां का दरबार भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे श्रद्धाभाव से पाठ का श्रवण किया।

इस आयोजन की खास बात यह रही कि जमुरनी गांव से दूर रहने वाले लोगों ने भी तकनीक के माध्यम से अपनी आस्था और गांव से जुड़ाव का परिचय दिया। वाराणसी और मुंबई में रह रहे ग्रामीणों ने मोबाइल पर लाइव प्रसारण के जरिए मां के दरबार में आयोजित रामचरितमानस पाठ का आनंद लिया। श्रद्धालुओं ने अपनी सुविधानुसार कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।

कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाराणसी से जमुरनी गांव निवासी देवदत्त तिवारी, श्यामाकांत तिवारी, पथिक तिवारी एवं सुनील तिवारी गांव पहुंचे। वहीं, मुंबई में रह रहे संजय तिवारी ने लाइव प्रसारण के माध्यम से कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इस धार्मिक आयोजन से जुड़े रहे।

ग्रामीणों के बीच इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह रहा। रामचरितमानस पाठ के माध्यम से लोगों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, भक्ति और मर्यादा के संदेश को आत्मसात किया। आयोजन ने गांव से दूर रह रहे लोगों को भी अपनी मिट्टी, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का काम किया।

इस मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आपसी जुड़ाव का माहौल देखने को मिला।

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