साधन सहकारी समिति पर लटका ताला, खाद लेने पहुंचे किसान परेशान; कमीशन नहीं, हर महीने नियमित भुगतान की मांग

सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

बरसठी (जौनपुर)। गेहूं की बुवाई के लिए खाद लेने साधन सहकारी समिति पहुंचे किसानों को उस समय निराश होकर लौटना पड़ा, जब समिति पर ताला लटका मिला। समिति पर ताला देखकर किसानों को खाद के बिना ही वापस लौटना पड़ा। इसके बाद जब सचिवों से फोन के माध्यम से संपर्क कर जानकारी ली गई तो पता चला कि सचिव अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सचिवों ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि वे 22 अक्टूबर 2026 से लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि कमीशन के बजाय उन्हें हर महीने नियमित भुगतान दिया जाए।

सचिवों ने बातचीत के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी और हर महीने नियमित भुगतान की व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी, तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। उनका कहना है कि कमीशन के आधार पर काम करने से उनकी आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसलिए सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमित मासिक भुगतान की व्यवस्था लागू करे।

इधर, गेहूं की बुवाई का समय नजदीक आने से किसानों को खाद की जरूरत है। ऐसे में साधन सहकारी समिति पर ताला लटका मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। किसानों को चिंता है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो समय पर खाद मिलने में दिक्कत हो सकती है। समिति से खाद नहीं मिलने पर उन्हें बाजार का रुख करना पड़ सकता है, जहां महंगे दामों पर खाद खरीदने से खेती की लागत बढ़ सकती है।

सचिवों की मांगों पर अभी तक कोई निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और सचिवों की मांगों का समाधान कब तक निकलता है। एक ओर सचिव नियमित भुगतान की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी ओर किसान गेहूं की बुवाई के लिए खाद की उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं। किसानों को उम्मीद है कि समस्या का जल्द समाधान होगा, ताकि सहकारी समितियों के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था सुचारु हो सके और खेती-किसानी प्रभावित न हो।

रिपोर्टर

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