
राज्य परिवहन विभाग के सह परिवहन आयुक्त अरुण भालचंद्र के पदोन्नति की चौकसी करने की मांग
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Oct 07, 2020
- 454 views
भिवंडी।। सह परिवहन आयुक्त से आयुक्त बने परिवहन कार्यालय के अधिकारी अरुण भालचंद्र के पदोन्नति व भष्ट्र कारभार की चौकसी कर कार्रवाई करने की मांग राष्ट्रीय मानव हक्क मंच के अध्यक्ष तथा सामाजिक कार्यकर्ता शरद काशिनाथ धुमाल ने महाराष्ट्र राज्य के राज्य पाल भगतसिंग केशरी को एक निवेदन पत्र देकर मांग किया है। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करवाया है।
निवेदन पत्र के अनुसार राज्य परिवहन विभाग में भारी भष्ट्राचार फैला हुआ है। परिवहन विभाग ने करोड़ों रुपये के बाल पोषण अधिभार, लाखों रुपये के स्टांप शुल्क, फर्जी टैक्सी रिक्शा लाइसेंस व परवाना, निजी व्यक्तियों के प्रवेश शुल्क, पर्यावरण कर वसूल नहीं किया गया। जिसके कारण आदिवासी बच्चों में कुपोषण के उपाय योजना जैसे कार्यो में काफी कठिनाईयों का सामान करना पड़ा। शासन के करोड़ों रुपये का नुकसान करने बाद भी अरुण भालचंद्र की पदोन्नति की गयी है इसमें में भारी भष्ट्राचार होने से इनकार नहीं किया जा सकता। सह परिवहन आयुक्त पद संवैधानिक और परिवहन आयुक्त के कार्यालय में एक गैर-मौजूद पद है इसकेे बावजूद महाराष्ट्र शासन व परिवहन विभाग ने परिवहन आयुक्त के बोगस पदपर अरुण भालचंद्र को नियुक्त किया है.इसके पीछे परिवहन विभाग में फैैैला भ्रष्टाचार और घोटाले हैं। अरुण भालचंद्र को सह परिवहन आयुक्त पद से पदोन्नत करने के कारण लाखों रुपये के हुए भारी नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है ? ऐसा सवाल उठ रहा है कहावत है कि "एक नेत्रहीन व्यक्ति गेहूँ पीसता है और एक कुत्ता आटा खाता है" जागरुक नागरिकों ने इस मामले में सरकार की भूमिका पर निगाहें बनाकर रखा हुआ है।
रिपोर्टर