
स्वास्थ्य संचालिका ने किया स्वं. इंदिरा गांधी उपजिला अस्पताल का दौरा।
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Dec 20, 2020
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भिवंडी।।भिवंडी के स्वं.इंदिरा गांधी उपजिला अस्पताल को राज्य सरकार ने उपजिला अस्पताल की मान्यता दी है लेकिन अस्पताल में मरीजों को कोई सुविधा न मिलने के कारण उन्हें अनेेक प्रकार की भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.अस्पताल के प्रसूति विभाग में एक गर्भवती महिला के साथ किए गए दुर्व्यवहार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की संचालिका डॉ.संध्या तायड़े ने इंंदिरा गांधी उपजिला अस्पताल का दौरा किया. इसके संदर्भ में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर विधायक रईस कासम शेख की अध्यक्षता में एक बैठक ली जिसमें उप संचालक डॉ.राठौड़,ठाणे जिला अस्पताल के सर्जन डॉ.कैलास पवार,मनपा के मुख्य चिकित्साधिकारीडॉ.के.आर.खरात,आईजीएम के चिकित्साधीक्षक डॉ.राजेश मोरे एवं अस्पताल के अन्य अधिकारी उपस्थित थे.स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है।उल्लेखनीय है कि आईजीएम उपजिला अस्पताल में म्हाडा कालोनी की एक गर्भवती महिला से प्रसूति के दौरान प्रसूति विभाग के कर्मचारियों द्वारा उसके साथ दुर्व्यवहार किए जाने की शिकायत विधायक रईस शेख ने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे एवं महिला व बाल विकास विभाग की मंत्री यशोमति ठाकुर से किया था.विधायक शेख की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की संचालिका डॉ. संध्या तायड़े ने आईजीएम उपजिला अस्पताल का दौरा करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया.डॉ.तायड़े के निर्देश पर उपसंचालक डॉ.गौरी राठौड़ द्वारा ठाणे के सहायक संचालक डॉ. धनंजय चाकूऱकर,स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.शोभना चव्हाण एवं ठाणे मानसिक रोग की वरिष्ठ परिचारिका की तीन सदस्यीय एक समिति बनाई है.जिसे एक सप्ताह अंदर जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। स्वं इंदिरा गांधी उपजिला अस्पताल को अत्याधुनिक अस्पताल बनाए जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 करोड़ 50 लाख रुपए मंजूर किया गया है जिसमे से 2 करोड़ रुपए का उपयोग कर लिया गया है और 4 करोड़ रुपये सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास पड़ा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग की संचालिका डॉ. संध्या तायड़े ने जिसका उपयोग 15 दिन के अंदर करने हेतु निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है। जिसके लिए पीडब्ल्यूडी जल्द ही आईजीएम उपजिला अस्पताल को अनुमति देगा.जिसमें उन्होंने अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था करने की अनुमति दी है.इसी के साथ 108 नंबर के एंबुलेंस को भिवंडी से केवल ठाणे जाने की अनुमति थी,जिसे मुंबई तक जाने की अनुमति दी गई है.मानवाधिकार उल्लंघन के विभिन्न मामलों के कारण मरीजों के साथ व्यवहार करते समय नैतिकता के बारे में उन्हें परामर्श देने के लिए सभी कर्मचारियों की एक बैठक आयोजित की जाएगी. कॉलेज ऑफ फिजिशियन और सर्जन पाठ्यक्रम के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा.आईजीएम में लर्निंग डिसेबिलिटी टेस्ट कराने और वर्तमान में प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सामाजिक न्याय विभाग के साथ बात किया जाएगा. कोविड के दौरान आवासीय डॉक्टरों को जिला और उप-जिला अस्पतालों में पोस्ट किया जाता है, उसी तरह की पोस्टिंग आईजीएम अस्पताल में भी होनी चाहिए। उक्त अवसर पर भिवंडी पूर्व विधानसभा के विधायक रईस कासम शेख ने कहा कि आईजीएम उप जिला अस्पताल के सभी 4 एंबुलेंस काम नहीं कर रहे हैं.निजी एंबुलेंस के सेवा की अनुमति नहीं है, इसलिए मैं अपने निजी कोष से एक एंबुलेंस दूंगा ।
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