
भिवंडी के केशरवानी ब्रदर्स ने ठग लिए मुंबई के व्यापारी से 1 करोड़ 23 लाख रुपये का माल, धोखाधड़ी का मामला पुलिस थाना में दर्ज
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Jul 02, 2021
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भिवंडी।। भिवंडी शहर पावरलूम उद्योग की नगरी के नाम से विख्यात है.यहाँ पर भारी संख्या में पावरलूम मशीनों से कच्चा कपड़ा तैयार किया जाता है। जिसके कारण मुंबई कपड़ा मार्केट के बड़े बड़े व्यापारी यहाँ पर अपना कार्यालय खोल रखा हुआ है। आऐ दिन इनके साथ ठगी का मामला भी उजागर होता है यही नहीं मुंबई के व्यापारी भी भिवंडी के पावरलूम मालिकों को ठग कर फरार हो जाते है।
ऐसे ही एक ठगी का मामला भिवंडी के शांतिनगर पुलिस थाना सीमा अंर्तगत स्थित अशोक नगर में घटित हुई है.ठगी का शिकार हुए मुंबई निवासी कपड़ा व्यवसायी ने भिवंडी के चार व्यापारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला शांतिनगर पुलिस थाना में दर्ज करवाया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई स्थित लालबाग के रहने वाले यार्न व्यापारी रिकेश परमार भिवंडी के अशोक नगर के इमारत क्रमांक - 16/ ए में कार्यालय खोलकर 2012 से मणिभद्र टेक्सटाइल्स नामक से व्यवसाय कर रहे है.इन्होंने अपने फर्म से माणिकचंद टेक्सटाइल्स, मूलचंद टेक्सटाइल्स एवं दीपचंद टेक्सटाइल्स के चार मालिकों को 19 दिसंबर 2013 से 3 जून 2019 के बीच में 1.23 करोड़ रुपए के यार्न दिया था लेकिन यार्न के कीमत भुगतान नहीं किया.रिकेश परमार के अनुसार माणिकचंद टेक्सटाइल्स के मालिक माणिकचंद केसरवानी ने 2014 में कपड़ा बनाने के लिए यार्न लिया था.लेकिन उसका भुगतान नहीं किया.इसी प्रकार मूलचंद टेक्सटाइल्स के मालिक मूलचंद केसरवानी ने एवं दीपचंद टेक्सटाइल्स के मालिक दीपचंद केसरवानी ने 2017 में यार्न लिया था लेकिन दोनों व्यापारियों ने भी उसका भुगतान नहीं किया।
पुलिस ने बताया कि सरकार द्वारा जीएसटी नियम लागू होने के बाद मणिभद्र टेक्सटाइल्स के मालिक ने अपनी कंपनी का नाम बदलकर मे.अरिहंत कॉटस्पीन रखकर व्यवसाय शुरू कर दिया.2017 में माणिकचंद केसरवानी का लड़का रोहित केसरवानी उनसे यार्न की मांग किया और कहा कि मानिकचंद टेक्सटाइल्स फर्म बंद कर दिया गया है.उसकी जगह मे.निर्वाण टेक्सटाइल्स नाम से व्यवसाय शुरू किया हूं.जिसके लिए यार्न दीजिए मैं पुराने माल का भी भुगतान कर दूंगा.जिसके बाद उन्होंने मानिकचंद केसरवानी,रोहित केसरवानी एवं दीपचंद केसरवानी को माल देना शुरू कर दिया.तीनों लोग शुरुआत में नियमित यार्न का भुगतान करते रहे.लेकिन बाद में माल का भुगतान करना बंद कर दिया.जिसके कारण रोहित केसरवानी ने 45.95 लाख,मूलचंद केसरवानी ने 47.75 लाख एवं दीपचंद केसरवानी ने 29.67 लाख रुपए सहित कुल 1.23 करोड़ रुपए के माल का भुगतान नहीं किया.यार्न व्यापारी द्वारा बार-बार पेमेंट मांगने के बावजूद तीनों व्यापारियों ने यार्न का बकाया भुगतान नहीं किया.अंतत जिसके कारण उन्होंने तीनों व्यापारियों को यार्न देना बंद कर दिया था.तीनों कंपनी के व्यापारी अशोक नगर स्थित उनके कार्यालय में जाकर बताया कि स्टेट बैंक एवं बैंक ऑफ़ बड़ौदा द्वारा उनका पांच करोड़ रुपए का कर्ज मंजूर हुआ हैवे लोग जल्द ही पुराने सभी बकाया का भुगतान कर देंगे.लेकिन तीनों कंपनियों के 4 व्यापारियों ने जब उनके माल का भुगतान नहीं किया तो उन्होंने शांतिनगर पुलिस स्टेशन में चारों व्यापारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
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