भिवंडी (पूर्व) 137 विधानसभा सीट पर शिवसेना का बढ़ा जनाधार, सपा को नहीं मिल रहे हैं कार्यकर्ता

महानगर पालिका के चुनाव पूर्व बंद हो सकता है सपा का पिटारा ?

भिवंडी।। भिवंडी पूर्व विधान सभा के साथ भिवंडी पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक समाज के युवा वर्ग शिवसेना के तरफ आकर्षित हो रहे है जिसके कारण भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के युवा शिवसेना पार्टी में शामिल होकर भिवंडी पूर्व विधान सभा के पूर्व विधायक रुपेश (दादा) म्हात्रे को अपना विधायक मानते हुए शिवसेना पार्टी को मजबूत कर रहे है.वही दूसरी तरफ सपा से युवाओं का मोहभंग हो चुका है यही नहीं पार्टी भी दो खेमे में बंटी हुई है। बतादें कि राज्य सरकार में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस, कांग्रेस पार्टी का गठबन्धन सरकार है.वही पर सपा के दो विधायक गोवंडी विधान सभा सीट से जीते अबू आसिम आजमी तथा भिवंडी (पूर्व) विधानसभा सीट से जीते रईस कासिम शेख ने आघाडी सरकार को समर्थन दिया है।

भिवंडी पूर्व विधानसभा सीट की गणित :
भिवंडी (पूर्व) 137 विधानसभा सीट पर हुए वर्ष 2009 चुनाव में शिवसेना पार्टी से दूसरी बार विधायक का चुनाव लड़ रहे योगेश पाटिल को 24,599 मत तथा सपा उम्मीदवार अबू आसिम आजमी को 37,584 मत मिले थे.सपा के उम्मीदवार अबू आसिम आजमी ने 12,985 मतो से शिवसेना के उम्मीदवार योगेश पाटिल को पराजित दिया था.किन्तु भिवंडी और गोवंडी दोनों विधानसभा सीटों से अबु आसिम आजमी की जीत दर्ज होने के कारण भिवंडी 137 (पूर्व) विधानसभा सीट से राजी नामा देना पड़ा.जिसके कारण उक्त सीट पर 06 जनवरी 2010 को पुनः उप चुनाव हुआ.जिसमें सपा पार्टी के महाराष्ट्र मुखिया अबु आसिम आजमी ने अपने पुत्र फरहान आजमी को मैदान में उतार पर इस सीट पर पुनः जीत दर्ज करने की कोशिश किया.किन्तु इस बार शिवसेना ने भी अपने कर्तव्य पारायण व निष्ठावान और युवा कार्यकर्ता रुपेश (दादा) म्हात्रे को सपा उम्मीदवार फरहान आजमी के सामने मैदान में उतारा.शिवसेना पार्टी से पहली बार चुनाव लड़ रहे रुपेश (दादा) म्हात्रे ने सपा को कड़ी टक्कर देते हुए 35,376 मत प्राप्त कर विजय पताका फैलाया.वही पर सपा उम्मीदवार फरहान आजनी दूसरे नंबर पर रहते हुए इन्हें मात्र 33,700 ही मत मिले और इस चुनावी रेस में साइकिल पंचर होने कारण चुनाव हार गयी.इस उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने भी मीरा भायंदर से मुज्जफर हुसैन को आयात कर इस सीट पर उम्मीदवार बनाया था.जो तीसरे नंबर पर रहते हुए उन्हें 24,411 मत मिलें थे।

भिवंडी 137 (पूर्व) विधानसभा सीट के लिए वर्ष 2014 में चुनावी बिगुल बजा. इस बार भाजपा व शिवसेना का गठबन्धन नहीं होने के कारण दोनों पार्टियों ने अपना - अपना अलग -अलग उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारा। शिवसेना पार्टी ने वर्तमान विधायक रुपेश (दादा) म्हात्रे द्वारा किये गये विकास कार्यो को देखते हुए उनको वापस इस सीट के लिए उम्मीदवार बनाया. वही पर गठबन्धन नहीं होने पर अलग चुनाव लड़ रही भाजपा ने तत्कालीन भिवंडी भाजपा शहर अध्यक्ष संतोष शेट्टी को शिवसेना का प्रतिद्वंद्वी बनाकर मैदान में उतारा. पिछले चुनाव में शिकस्त पाऐ सपा पार्टी ने साइकिल में हवा भरते हुए फिर से फरहान आजमी को मैदान में उतारा.वही पर इस चुनावी घमासान में AIMIM की भी एंट्री हो गयी थी तथा कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपना अपना अलग अलग उम्मीदवार मैदान में उतारा था। किन्तु भिवंडी (पूर्व) विधानसभा सीट के मतदाताओं ने सबको नकारते हुए पुनः शिवसेना के उम्मीदवार व विधायक रुपेश दादा म्हात्रे को मत देकर भारी मतों से जीत दर्ज करवाई. इस चुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार व वर्तमान विधायक रुपेश दादा म्हात्रे को 33,541 मत पाकर विजय हासिल किया वही दूसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार संतोष शेट्टी 30,148 मत, तीसरे नंबर पर सपा उम्मीदवार फरहान आजमी को17,541मत,AIMIM उम्मीदवार मो.अकरम 14,577 मत तथा कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार फांजिल अंसारी को 11,257 मत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार खालिद गुडडू को 9,057 मत हासिल हुऐ थें। इस चुनाव में सपा के उम्मीदवार फरहान आजमी को भारी मतों से हार का सामना करना पड़ा था।

इस सीट के लिए वर्ष 2019 में चुनावी बिगुल बजा.अपना जनाधार खो चुकी सपा पार्टी को चुनाव लड़ाने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे थे.जिसके कारण चुनाव के 10 दिन पूर्व तक सपा के पास कोई उम्मीदवार नहीं था.कयास लगाऐ जा रहे थे कि इस बार सपा की साइकिल पंचर होने के कारण उनकी साइकिल में हवा भरने के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है.चुनाव के आखिरी समय में सपा प्रदेश मुखिया अबू आसिम आजमी ने बृहमुंबई महानगर पालिका के भायखला क्षेत्र से नगरसेवक रईस कासिम शेख को उम्मीदवार बनाकर भिवंडी ( पूर्व) 137 विधानसभा के मतदाताओं के सामने पेश कर दिया.वही पर भाजपा के कमल से मोहभंग कर संतोष शेट्टी ने कांग्रेस पार्टी के हाथ सहारे चुनाव जीतने का लालसा पाले खेमा बदली करते हुए चुनाव मैदान में उतरें.इस चुनाव में शिवसेना पार्टी के उम्मीदवार रुपेश (दादा) म्हात्रे की हैटिक लगना तय था.किन्तु मात्र 1314 वोट से चुनाव हार गयें। सपा उम्मीदवार राईस कासिम शेख को 35:23 प्रतिशत कुल 45,537 मत मिलें वही पर शिवसेना उम्मीदवार व वर्तमान विधायक रुपेश दादा म्हात्रे को 34:21 प्रतिशत कुल 44,537 ही मत मिले.भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ रहे संतोष शेट्टी को 24,91 प्रतिशत कुल 32,198 मत मिले।

भिवंडी (पूर्व) विधानसभा सीट से सपा पार्टी ने जीत दर्ज करते हुए भायखला के नगरसेवक रईस कासिम शेख विधायक तो बन गयें. इनके विधायक बनते हुए सपा पार्टी भी दो खेमे में बंट गयी. जिसके कारण सपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने इनसे किनारा कर लिया. आपसी गुटबाजी तथा मनमुटाव को देखते हुए महाराष्ट्र सपा मुखिया ने भिवंडी शहर की कार्यकारिणी भंग कर दी. किन्तु कार्यकारिणी भंग की अधिकारिक ऐलान नहीं किया गया. वही दूसरी तरफ शिवसेना पार्टी के पूर्व विधायक रुपेश दादा म्हात्रे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अल्पसंख्यक समाज के युवा वर्ग तेजी के साथ शिवसेना में शामिल हो रहे है जिसके कारण शिवसेना का जनाधार बढ़ रहा है।

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