
भिवंडी शहर मनपा आगामी चुनाव एक प्रभाग एक सदस्य प्रमाणे करवाने की मांग
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Sep 24, 2021
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भिवंडी ।। राज्य सरकार ने 22 सितम्बर को हुए केबिनेट बैठक के दरमियान भिवंडी निजामपुरा शहर महानगर पालिका भिवंडी का आगामी चुनाव तीन सदस्यीय पैनल के आधार पर करवाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय को लेकर भिवंडी शहर वासियो में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। बतादें कि महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने इसके पूर्व 25 अगस्त को एक परिपत्र जारी करते हुए आगामी भिवंडी मनपा चुनाव एक पैनल एक सदस्य के आधार पर करवाने के लिए सूचना जाहिर किया था। भिवंडी शहर के प्रसिद्ध ख्वाजा नवाज़ सामाजिक संस्था के अध्यक्ष जावेद मुन्ना खान ने महाराष्ट्र राज्य के राज्यपाल,मुख्यमंत्री तथा मुख्य चुनाव अधिकारी को निवेदन पत्र देकर मांग किया है कि भिवंडी शहर महानगर पालिका का आगामी चुनाव राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्णय के अनुसार एक सदस्य एक प्रभाग के आधार पर ही करवाया जायें। क्योंकि एक मतदाता को संविधान ने एक ही मत देने का अधिकार दिया है। किन्तु तीन सदस्यीय चुनाव में एक मतदाता को तीन जगहों पर मतदान करना पड़ेगा। इसके साथ एक प्रभाग में तीन सदस्य उम्मीदवार होगें। किन्तु मतदाता जिस वार्ड में रहता है उसे उसी वार्ड में मतदान करने का अधिकार है। इसी के साथ उन्होंने निवेदन पत्र के द्वारा मांग किया है कि अगर एक प्रभाग में तीन उम्मीदवार चुन कर आते हैं। उन्हें मिलकर एक प्रभाग के रहिवासियों को प्रत्येक समस्या को निराकरण करना चाहिए किन्तु इसके विपरीत ही चुनकर आऐ उम्मीदवारों द्वारा काम किया जाता रहा है। चुनाव जीत कर आऐ उम्मीदवार मतदाताओं को दो टूक जवाब देते है कि मेरा वार्ड नहीं है। इसलिए मेरा काम करने के लिए अधिकार नहीं है। यही नहीं उस वार्ड का जीते उम्मीदवार पूरे प्रभाग की जिम्मेदारी लेने के लिए नकार दिया जाता है। जब एक मतदाता प्रभाग के तीनों उम्मीदवारों को अपना मतदान करता है। तो उन्हें पूरे प्रभाग की जिम्मेदारी लेना आवश्यक है। किन्तु पैनल द्वारा जब वार्ड की अ,ब, क नुसार संरचना होती है। तो अ,ब,क से जीते उम्मीदवार सिर्फ अपने अपने वार्ड में ही काम करते हैं। तो फिर अ,ब,क के मतदाताओं को दूसरे वार्ड के उम्मीदवार को क्यों मतदान करें। प्रभाग पैनल अनुसार हुए चुनाव में मतदाताओं को मतदान करने के बाद , अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यही नही मतदाताओं की परेशानियां पूरे पांच वर्ष कायम रहती है। इसलिए प्रभाग पैनल चुनाव को रद्द कर एक वार्ड एक सदस्य चुनाव करवाने की मांग की गयी है और राज्य के केबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है। उसका तीव्र विरोध सामाजिक संस्था के सदस्यों व पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
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