
भिवंडी मनपा क्षेत्र अंर्तगत लगभग 150 अवैध इमारतों का निर्माणाधीन। नही किया जा रहा एम.आर.टी.एक्ट द्वारा एफ आई आर.
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Dec 30, 2021
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भिवंडी।।भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका सीमा अंर्तगत सभी प्रभाग समितियों में लगभग 150 से ज्यादा अवैध इमारतें निर्माणाधीन अवस्था में है। किन्तु आश्चर्य की बात यह है कि ऐसी इमारतों के चार से पांच मंजिला का काम पूरा होने के बावजूद भी बिल्डर व जमीन मालिकों पर पदनिर्देशित अधिकारियों अथवा प्रभाग अधिकारियों द्वारा महाराष्ट्र प्रदेशिक व नगररचना अधिनियम 1966 के कलम 52 के तहत पुलिस थानों में मामले दर्ज नहीं करवाऐ जा रहे है। जिसके कारण भूमाफिया बेखौफ होकर अपनी अवैध बहु मंजिली इमारतें दनदना कर खड़ी कर देते है। इस गोरख धंधे में वार्ड अधिकारियों सहित बीट निरीक्षकों का मिली भगत होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। मनपा सुत्रों की माने तो प्रभाग समिति क्रमांक एक में लगभग 40से 50 अवैध इमारतें निर्माणाधीन है। जिसमें कुछ तीन से चार मंजिल का काम भी पूरा हो चुका है तो काईयों के प्लींथ का काम शुरू है। इसी तरह प्रभाग समिति क्रमांक दो अंर्तगत लगभग 20 से 22, प्रभाग समिति क्रमांक तीन अंर्तगत 12 से 15, प्रभाग समिति क्रमांक चार अंर्तगत 15 से 18 और प्रभाग समिति क्रमांक पांच अंर्तगत 12 से 15 अवैध इमारतों का निर्माण कार्य शुरू है। किन्तु किसी भी निर्माणाधीन इमारतों पर एम.आर.टी.पी के तहत फौजदारी का मामला दर्ज नहीं किया गया। प्रभाग समिति क्रमांक चार के नारपोली गांव, भंडारी कंपाउंड, नाला पार, रोशनबाग आदि क्षेत्रों में अवैध इमारतों के चार -चार मंजिला का काम पूरा हो चुका है। प्रभाग समिति क्रमांक 05 अंर्तगत इस्लामपुरा, निजामपुरा, भिवंडी गांव में तीन से चार मंजिला का काम पूरा होने के बावजूद भी प्रभाग अधिकारी ने अभी तक डीपीएल फोलो नहीं किया है। इसी तरह प्रभाग समिति क्रमांक दो अंर्तगत रावजी नगर, गैबीनगर, नवी बस्ती, टेमघर में कई इमारतें का निमार्ण शुरू है। प्रभाग समिति क्रमांक तीन अंर्तगत कामतघर व पदमा नगर में आधा दर्जन से ज्यादा इमारतें के बांधकाम धारकों पर फौजदारी के तहत मामले नहीं दर्ज करवाऐ गये। अवैध रूप से बन रही लगभग 150 इमारतों को लेकर नगरसेवक सहित जागरूक नागरिकों ने वार्ड अधिकारियों के कार्यालयों में बारम्बार शिकायतें दर्ज करवाई है। ऐसी इमारतों संबंधी शिकायतें आने के बावजूद वार्ड अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं होना जागरूक नागरिकों ने आश्चर्य व्यक्त किया है। सुत्रों ने दावा किया है कि वार्ड अधिकारियों द्वारा ऐसी इमारतों से वसूल गया रकम उच्च अधिकारियों के दरबार में पहुंचने के कारण इमारतों व अधिकारियों पर जानबूझकर कर कार्रवाई नही की जाती है। जिसके कारण भिवंडी शहर एक बार फिर अवैध इमारतों के दलदल में डूबते हुए चला जा रहा है।
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