एक्शन मूड में पालिका आयुक्त, कर्मचारियों में मचा हड़कप

भिवंडी।। भिवंडी शहर महानगर पालिका क्षेत्र में साफ सफाई नही होने के कारण और मिल रही शिकायतें से पालिका आयुक्त व प्रशासक विजय कुमार म्हसाल एक्शन मोड़ में आ गये है जिसके कारण सुबह ही ताबड़तोड़ सफाई केबिनों का निरीक्षण कर हाजरी लगाकर घर जाने वाले सफाई कर्मचारियों के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार सफाई कर्मियों पर हुई कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कप मचा हुआ है। गौरतलब हो कि 15 जुलाई को प्रभाग समिति क्रमांक चार के वार्ड क्रमांक 20 के सफाई केबिन का अचानक निरीक्षण के दरमियान आयुक्त ने पाया था कि तीन कर्मचारियों ने मास्टर पर हाजिरी लगाकर घर चले गये थे। जिसके कारण तीनों सफाई कर्मचारी को गैर हाजिर कर एक दिन का वेतन काट दिया गया था। उसके साथ ही मुख्य सफाई निरीक्षक व सफाई निरीक्षक को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। इसी तरह 20 जुलाई को पालिका आयुक्त ने प्रभाग समिति क्रमांक एक के वार्ड क्रमांक 11 की सफाई केबिन का निरीक्षण किया। इस दौरान 16 सफाई कर्मचारी गैर हाजिर मिले। लेकिन उन सभी का मास्टर रजिस्टर में काम पर हाजिर रहने का हस्ताक्षर मिला। पालिका आयुक्त ने काम में लापरवाही व चोरी करने वाले अंकुश चंद्रकांत तांबे,श्रीमति ममता घाडगे, प्रभाकर जाधव, सुभाष चव्हाण, पवन भोईर, श्रीमति ममता यादगिरी, श्रीमति आशा बाबरे, अमोल तपासे, निजाम वाकडे, सुमित पवार, रवींद्र नायडा, सुरेश सांवत,रूपेश गायकवाड़, नफिस अंसारी, ज्योतिराम जाधव और विनोद विठ्ठल सोष्टे कुल 16 कर्मचारियों को गैर हाजिर कर एक दिन का वेतन काट देने के लिए पालिका के मुख्य आरोग्य अधिकारी को आदेश दिया है। इसके साथ ही मुख्य सफाई निरीक्षक एस.आई. दिसंबर जाधव व सफाई निरीक्षक सी.एस.आई.विशे को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। सुत्रों की माने ज्यादातर सफाई कर्मचारी एस.आई.और सी.एस. आई.अधिकारियों से सांठगाठ केवल हाजिरी लगाकर घर चले जाते रहे है इसके एवज़ में उक्त दोनों अधिकारी 5 हजार से 10 हजार रूपये प्रति माह सफाई कर्मचारियों से लेते रहे है। यही अधिकरी दो तीन हफ्ते में दिहाडी मजदूरों अथवा अन्य कर्मचारियों पर दबाव बनाकर से उनके क्षेत्रों में सफाई करवा देते है। इस प्रकार का गोरखधंधा कई वर्षों से चलता आ रहा है।

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