
"दो सागर" होने के बावजूद सूखे रहे पालिका के कृत्रिम तालाब
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 30, 2025
- 96 views
डेढ़ दिनी गणपति विसर्जन पर ठेकेदार की लापरवाही, प्रशासन मौन
भिवंडी। जहां दो सागर हों, वहां महासागर की उम्मीद की जाती है, लेकिन भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका में ठीक उलटा नजारा देखने को मिला। गणेश विसर्जन के लिए बनाए गए पालिका के कृत्रिम तालाब विसर्जन के दिन सूखे पड़े रहे। इस लापरवाही को लेकर अब सवाल सीधे दो “सागर” अधिकारियों पर खड़े हो रहे हैं। दरअसल, वर्तमान में पालिका की बागडोर आयुक्त एवं प्रशासक अनमोल सागर (भा.प्र.से) के पास है, जबकि कृत्रिम तालाब की जिम्मेदारी उपायुक्त बालकृष्ण क्षीरसागर को सौंपी गई थी। ऐसे में गणेश भक्तों के मन में सवाल उठ रहा है कि दो-दो सागर होते हुए भी तालाब क्यों सूख गए?
गौरतलब है कि डेढ़ दिनी गणपति विसर्जन के लिए पालिका ने लगभग 18 लाख रुपये का ठेका निकालकर 10 कृत्रिम तालाब तैयार करवाए थे। इनमें कुछ पक्के और कुछ बड़े-बड़े टबों के माध्यम से तालाब बनाए गए। सुशोभीकरण से लेकर सारी व्यवस्था का जिम्मा मिलिंद मुड़े नामक ठेकेदार को सौंपा गया था। लेकिन विसर्जन के दिन केवल सात तालाबों में ही विसर्जन संभव हो सका, जबकि तीन तालाब पूरी तरह फेल साबित हुए। ठेकेदार इन तालाबों में पानी की ही व्यवस्था नहीं कर पाया।
सूत्रों की मानें तो यही ठेकेदार पिछले कई वर्षों से लगातार इस काम का ठेका लेता आ रहा है। सवाल यह है कि ठेकेदार की इस लापरवाही पर प्रशासन कोई कड़ी कार्रवाई करेगा या पूर्व की भांति आंखें मूंदकर बैठा रहेगा। खास बात यह है कि पर्यावरण विभाग से लेकर उपायुक्त और आयुक्त तक सभी अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
भिवंडी के गणेश भक्तों का कहना है कि जब पालिका ने लाखों रुपये खर्च कर कृत्रिम तालाब बनाए, तो विसर्जन के दिन तालाबों में पानी न होना गंभीर लापरवाही है। ऐसे में “दो सागर” नामक अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ठेकेदार पर शिकंजा कसता है या मामला फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
रिपोर्टर