शहर की हवा दूषित करने वाले साइजिग कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग 

भिवंडी।। भिवंडी शहर कपड़ा उद्योग का शहर है। जिसके कारण यहां पर धागे को कांजी करने, कलर करने, पक्का करने के लिए सैकड़ों की संख्या में साइजिग कंपनियां संचालित है। इन साइजिग कंपनियों में ब्वॉयलर मशीन का प्रयोग किया जाता है। शासन ने निर्देशानुसार ब्वॉयलर मशीनों में कोयले का प्रयोग होना चाहिए किन्तु कोयला महंगा होने के कारण साइजिग कंपनी के मालिकों द्वारा लकड़ी, रबर,कागज़ के गत्ते, प्लास्टिक, कपड़ों की चिंदी व कतरन, रबर के टायर आदि जलाकर स्टीम तैयार किये जाते है। जिसके कारण इन कंपनियों के चिमनियों से निरंतर जहरीला धुंआ व राख निकलता रहता है। इस जहरीले धुंऐ के कारण आसपास रविवासी बस्तियों में दमा, कैंसर, ह्रदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियां फैल तरह रही है वही चिमनियों से निकलने वाले राख, लोगों के आंगन व रसोई तक पहुँचती है। इन साइजिग  कंपनियों में सुनील पाचपुते नामक व्यक्ति लकड़ी, रबर,कागज़ के गत्ते, प्लास्टिक, कपड़ों की चिंदी व कतरन, रबर के टायर आदि सप्लाई करता है। वही विभिन्न क्षेत्रों में गोदाम बनाकर रखा हुआ है। समाजसेवक चर्चिन सुतार ने पालिका आयुक्त, पर्यावरण विभाग तथा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल कल्याण विभाग को निवेदन पत्र देकर मांग किया है कि कंपनियों में रबर, लकड़ी व बेस्टेस कचरा सप्लाई करने वाले सुनील पाचपुते के खिलाफ कार्रवाई होने से कंपनियो में लकड़ी, रबर,कागज़ के गत्ते, प्लास्टिक, कपड़ों की चिंदी व कतरन, रबर के टायर सप्लाई पर रोक लगेगी । जिसके कारण शहत के नागरिक साफ सुथरी हवा में सांस ले सकते है। वही पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल कल्याण विभाग से मांग की है कि ऐसे साइजिग कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने की आवश्यकता है और नागरिकों को जहरीले धुंऐ से बचाया जा सकें।

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