सावधान ! शहर में फर्जी पत्रकारों की टोली सक्रिय यूट्यूब पर खोल रखे है फर्जी न्युज चैनल

कभी नाले, तो कभी सड़कों पर बनाते हैं मोबाइल से विडियो।

भिवंडी।। भिवंडी शहर में शासन व प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यूट्यूबर तथा उनके प्रतिनिधियों की हजारों के संख्या में प्रेस लिखी गाडियां शहर के सड़कों पर फर्राटे मारती हुई बिना रोक टोक के चल रही है। यही नहीं शहर में लगभग तीन दर्जन से अधिक फेक न्युज चैनल सक्रिय होने के कारण ऐसे चैनलों के प्रेस कार्ड धारकों की संख्या हजारों में है। राशन माफिया से लेकर मटका जुआर, शराब की बिक्री, होटल -ढाबा व्यवसायी, बार मालिक, छुटभैय्या नेता यानी अवैध धंधा करने वाले भी किसी ना किसी फेक यूट्यूब न्यु,zज चैनल के प्रेस आई कार्ड धारक है। ऐसे फेक न्युज चलाने वाले शहर के शासनिक एवं प्रशासनिक तथा राजनीतिक कार्यक्रमों में सबसे आगे की पंक्ति में बैठ कर पत्रकार होने का दावा ठोकते रहे है। हालांकि ऐसे अधिकांश लोग अशिक्षित होने के कारण इनका पत्रकारिता पेशे से दूर तक नाता नही है।  कुछ को अपने शहर अथवा अपने पेशे का नाम तक लिखने का ज्ञान नहीं है। 

ताज्जुब की बात है जिन्हें इन पर लगाम लगानी चाहिए वहीं इनके साथ में फोटो  खिंचवाते है, यही नहीं अपने विभागों द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यों की बखान भी इन्हीं से करवा कर अपना उल्लू साध लेते है। शहर में चाहे दूध या सेवाई का मसला हो, चाहे राजनीतिक, सामाजिक अथवा धार्मिक मसले हो। सबसे पहले ऐसे यूट्यूबर मोबाइल द्वारा विडियो बनाकर शहर के वाट्शाप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल साइटों पर टीवी न्युज जैसे शाॅट विडियो बनाकर सामाजिक व धार्मिक उन्माद फैलाते हुए अफवाह फैलाने का काम करते रहे है। हालांकि इनके कारनामे से तंग आकर कभी - कभी पुलिस भी चेतावनी देकर इन्हें छोड़ देती रही है। परन्तु कठोर कार्रवाई नहीं होने से इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। 

ऐसे लोग अपने चैनल पर दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए अनाप - सनाप विडियो अपलोड कर सोशल नेटवर्किंग साइटों पर वायरल कर रहे है। जैसे किसी राजनीतिक व्यक्ति को अपने प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक व्यक्ति को गाली देना है तो इन्हें कौड़ियों के दाम खरीदकर अपने प्रतिद्वंद्वी को गाली देते हुए विडियो सोशल मीडिया पर इनसे वायरल करवा देते है।

भिवंडी शहर अति संवेदनशील शहर है। इसके बावजूद भी भाई चारा के मिसाल बने मुस्लिम और हिन्दू समाज के लोग मिलजुल रहकर काम करते रहे है। परन्तु शहर के कुछ ऐसे यूट्यूबर है जो अशिक्षित है लेकिन धार्मिक भावनात्मक‌ भाव से भरे हुए है। जिसके कारण ऐसे लोगों द्वारा कभी भी शहर का माहौल खराब होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिसे देखते हुए कई सामाजिक संस्थान,प्रेस संगठना, वरिष्ठ पत्रकार, जागरूक नागरिकों ने भिवंडी प्रांत अधिकारी और भिवंडी पुलिस उपायुक्त को निवेदन पत्र देकर यूट्यूबर पर विडियो अपलोड कर बने स्वयं घोषित पत्रकारों के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग कर चुके है।

सुत्रों की माने तो ऐसे लोग बकायदे अपने नाम का फर्जी प्रेस पहचान पत्र भी बना कर रखा है। अशिक्षित होने के कारण पहचान पत्र में लगे अपने ही फोटो पर स्वयं के हस्ताक्षर कर पत्रकार अथवा संपादक होने का प्रमाणित भी कर लिया है। यही नहीं अपने फेक न्युज चैनल का लोबों, माइक बूम, विजिटिंग कार्ड बनवाकर अपने वाहनों पर बड़े बड़े अंग्रेजी अथवा हिन्दी के शब्दों में PRESS लिखवाकर पूरा दिन स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस को चकमा देते रहते है।

शासन व प्रशासन के अधिकारियों को ऐसे लोगों द्वारा पोल खोल देने की धमकी दी जाती है अगर इसमें में इनका राशन पानी का जुगाड़ नहीं हुआ तो पत्रकार का चोला उतार सोशल व सामाजिक कार्यकर्ता का चोला धारण कर संबंधित अधिकारियों अथवा ठेकेदार के खिलाफ लिखित शिकायत कर दिया जाता है। इससे भी जुगाड़ नहीं हुआ तो अपने ही तरह के अन्य साथियों को बुलाकर अनाप सनाप हरकतें कर उसका विडियो बनवाकर भष्ट्राचार का पोल खोलने का दावा करते है। अगर समय रहते हुए ऐसे अशिक्षित यूट्यूबर, स्वयं घोषित फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह दिन दूर नहीं जिस दिन इनके कारनामों से शहर की शांति व्यवस्था खतरें में पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

रिपोर्टर

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