
भागवत कथा के सातवें दिन सुदामा एवं भगवान कृष्ण की कथा सुनकर श्रोताओं के आंखों में छलके आंसू
- रामजी गुप्ता, सहायक संपादक बिहार
- Dec 16, 2023
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कैमूर ।। चांद प्रखंड के वयरी गांव में भागवत कथा के सातवें दिन सुदामा एवं भगवान कृष्ण के प्रेम कथा सुनकर श्रोताओं को आंखों आंसू छलक पड़े। काशी विश्वनाथ के नगरी बनारस से आए प्रख्यात कथावाचक एवं संत पं सचिदानंद महराज ने पंडाल में उपस्थित श्रोताओं को सुदामा चरित्र परक्षीत की मुक्ति एवं शुकदेव जी की विदाई पर लगभग तीन घंटे से अधिक कथा कहकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचक सचिदानंद महराज ने सुदामा एवं भगवान कृष्ण के मित्रवत प्रेम की कथा से उपस्थित लोगों को मग्धमुग्ध कर दिया। कथावाचक ने सुदामा की गरीबी में जीवन जीने के बाद सखा कृष्ण से कुछ मांगने में संकोच करते हैं। कथावाचक ने कहा जैसे ही भगवान कृष्ण को जानकारी मिली की सखा सुदामा दरवाजा पर आए हुए हैं। सबकुछ भूलकर भगवान कृष्ण सुदामा से मिलने के लिए पंहुचे। उन्होंने ने कहा भगवान भक्त के प्रेम के बस में होते हैं। कथावाचक ने कहा भगवान सुदामा से मिलने के लिए जाते समय सबकुछ भूल जाते हैं। भगवान कृष्ण एवं सुदामा को मिलने की आतुरता एवं भाव का वर्णन सुनकर कथा सुन रहे श्रोताओं के आंखों में आंसू आ गए। कथावाचक सचिदानंद महराज ने भगवान कृष्ण एवं सुदामा के मिलन को बड़ी मार्मिक कथा कही। कथावाचक ने परीक्षित की मुक्ति एवं शुकदेव जी की विदाई की कथा कही। कथा सुनने के लिए कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रोता आए हुए थे। रविवार को भागवत कथा का समापन है। समापन के दिन हवन पुर्णवाती एवं भण्डारा का आयोजन किया गया।भण्डारा के दिन कई गांवों के ग्रामीण भोजन करेंगे।आठ दिन चले भागवत कथा हवन ज्ञान यज्ञ एवं भण्डारा का आयोजन विनोद कुमार सिंह एवं अनिता सिंह गांव वयरी के द्वारा किया गया है। भागवत कथा सुनने शिवपुजन सिंह बब्बू सिंह गिरधर सिंह मदन सिंह डब्लू पाण्डेय रामजतन कुशवाहा मनोज राम सियाराम यादव आदि बड़ी संख्या में भक्त गण शामिल हो रहे थे।
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