पिछड़ों के मसीहा जननायक कर्पूरी ठाकुर का हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जन्म शताब्दी

वाराणसी ।। बुधवार को अखिल भारतीय नाई संघ ट्रेड यूनियन गढ़वा के तत्वाधान में शोषित वंचित व पिछड़ों के मसीहा जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जन्म शताब्दी मनाई गई 

सर्वप्रथम जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया  लोगों को संबोधित करते हुए *जिला अध्यक्ष श्री गुप्तेश्वर ठाकुर ने कहा कि* आज का दिन बड़ा हीं पवन है आज ही के दिन जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महान शख्सियत का जन्म हुआ था कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिला के पीतौंझिय ग्राम में हुआ था कर्पूरी जी ने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय और शोषित समाज के उत्थान को समर्पित किया 

उनकी जीवनी से आज के राजनेताओं को सीख लेने की आवश्यकता है वह एक बार उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे लेकिन जब वह दुनिया से गए तब तक अपने आश्रितों के लिए एक ढंग का मकान तक नहीं बना पाए थे आज उनकी जयंती से एक दिन पूर्व भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने का ऐलान किया है इस फैसले का हम स्वागत करते हैं और महामहिम राष्ट्रपति श्री मती द्रौपदी मुर्मू एवं देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं 

जो सामान उन्हें आज मिला उसकी मांग 36 वर्षों से किया जा रहा था 

*प्रमंडलीय युवा अध्यक्ष रविंद्र नाथ ठाकुर ने कहा कि* जननायक कर्पूरी ठाकुर जी सामाजिक न्याय के पुरोधा रहे उन्होंने कभी अपने लिए नहीं जीया सदैव शोषित वंचित पीड़ित के हक और अधिकार दिलाने के लिए लड़ते रहे देश में पहली बार किसी राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने वाले प्रथम  मुख्यमंत्री बने 

वे जननायक कहलाते हैं सरल और सरस हृदय के राजनेता माने जाते थे सामाजिक रूप से पिछड़े किंतु सेवा भाव के लक्ष्य को चरितार्थ करती नाई जाति में जन्म लेने वाले इस महानायक ने राजनीति को भी जन सेवा भावना से जिया 

*जिला सचिव विजय ठाकुर ने कहा कि* जननायक कर्पूरी ठाकुर दूरदर्शी होने के साथ-साथ एक ओजस्वी वक्ता भी थे वह देशवासियों को सदैव अपने अधिकारों को जानने के लिए जागते रहे कर्पूरी ठाकुर मुख्यमंत्री रहते हुए भी सादगी भरे जीवन यापन करते थे बिहार में जब भी राजनीतिक चर्चा होगी तो कर्पूरी ठाकुर जी का नाम याद रखा जाएगा 

*उपाध्यक्ष संजय ठाकुर ने कहा कि* जननायक कर्पूरी ठाकुर जी भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 26 माह के लिए जेल भी गए और उसके बाद सक्रिय राजनीति का हिस्सा बने दबे कुछ ले पीड़ित शोषित की आवाज बने

मौके पर अखिल भारतीय नाई संघ ट्रेड यूनियन के अशोक ठाकुर नंदू ठाकुर मनोज ठाकुर  श्याम सुंदर ठाकुर डॉ जेपी ठाकुर डॉ विश्वनाथ ठाकुर चतुरी ठाकुर सुदामा ठाकुर सहित अन्य लोग उपस्थित थे

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