वकील दंपति की हत्या के बाद भिवंडी के वकीलों ने किया तीव्र निषेध

वकील संरक्षण अधिनियम की मांग

भिवंडी।। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के राहुरी कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील पति- पत्नी राजाराम आढ़ाव और उनकी पत्नी मनीषा आढ़ाव की हत्या उनके ही मुवक्किल ने कर दी है। वकील आढ़ाव के मिवक्किल पर जबरन चोरी, चोरी,जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट जैसे 12 गंभीर अपराधों वाले किरण दुर्शिग ने अपने 4 साथियों की मदद से वकील के घर पर वकील दंपति पति व पत्नी को पहले बंधक बनाया और पांच लाख रूपये की फिरौती मांगा। फिरौती की रकम देने से इनकार करने पर आढ़ाव दंपति को पहले प्रताड़ित किया गया, सिर पर प्लास्टिक की थैलियां बांधकर पीट -पीट कर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने आढ़ाव दंपति के शवों को पत्थरों से बांधकर उम्बेरे गांव के श्मशान भूमि के पास एक कुएं में फेंक दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद से प्रदेश भर के वकील वर्ग में आक्रोश का महौल व्याप्त है। 

भिवंडी के वकील संगठनों ने इस घटना का तीव्र निषेध करते हुए सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है और मामले को विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति, फास्ट - टैक अदालतों के माध्यम से त्वरित सजा की मांग की है। वही पर शासन से महाराष्ट्र में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट ( अधिवक्ता सरंक्षण कानून) लागू करने की मांग किया गया है। इसके साथ ही भिवंडी के तमाम वकीलों ने आढ़ावा परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कोर्ट के आधे दिवस का काम बंद रखा। भिवंडी वकील संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश्वर पाटिल के नेतृत्व में भिवंडी प्रांत अधिकारी और भिवंडी तहसीलदार  को ज्ञापन सौंपा है।

रिपोर्टर

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