
पीएनसी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा बेस कैंप बनाते समय जल निकाय एवं धार्मिक स्थलों के अतिक्रमण को लेकर किसानों में आक्रोश
- रामजी गुप्ता, सहायक संपादक बिहार
- Feb 04, 2024
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मसोई गांव के किसानों ने जल निकाय एवं धार्मिक स्थलों की भूमि अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी को दिया आवेदन
पीएनसी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बेस कैंप पर लग सकता है ताला।
कैमूर ।। चांद , भारत माला परियोजना के तहत वाराणसी रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए पीएनसी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा बनाए जा रहे बेस कैंप पर ताला लटक सकता है। कंपनी ने के विरुद्ध दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर कम्पनी पर जल निकाय एवं धार्मिक स्थलों का अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है किसानों ने आवेदन में लिखा है कंपनी के द्वारा जल निकासी का अतिक्रमण करने से दर्जनों किसानों की गेंहू फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
किसानों ने कहा जिससे कई किसानों का आर्थिक नुक्सान हो रहा है। आवेदन में आस्थावान भक्तों को महावीर मंदिर एवं मजार पर जाना अवरूद्ध हो गया है।इसे लेकर गांव मसोई कुरूई आदि गांवों में तनाव फैला हुआ है। किसानों ने जिलाधिकारी से कारवाई करने की मांग की है। पीएनसी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में इसे लेकर भय बना हुआ है। मामला प्राशसनिक झेमैल में पड़ सकता है।बेस कैंप का विरोध कर रहे किसानों ने 34 वां दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। किसान पिछले 2 जनवरी से पीएनसी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। किसानों ने भारत माला परियोजना एक्सप्रेस-वे निर्माण में भूमि अधिग्रहण में कम मुआवजा दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। भारत माला परियोजना में बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण में कैमूर जिले के 93 मौजा का सैकड़ों किसानों का हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई है। किसानों का आरोप है भूमि अधिग्रहण में भूमि की प्रकृति निर्धारण सही नहीं हुआ है। किसानों ने कहा 2013 सर्किल रेट पर मुआवजा किसानों को देना न्यायसंगत नहीं है। किसान प्रति एकड़ एक करोड़ 28 लाख रुपए मुआवजा की मांग कर रहे हैं। अनिश्चितकालीन धरना में पशुपति नाथ सिंह अमित रंजन सिंह श्याम सुन्दर सिंह अवधेश सिंह राजू भुपेंद्र सिंह पप्पू चौबे यशवंत सिन्हा अशोक कुमार आदि किसान उपस्थित थे।
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