खाड़ी को "नदी" बताकर जबरन वसूली ! असामाजिक तत्वों की साजिश का पर्दाफाश!

भिवंडी।  भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका की सीमा से सटी कामवारी नदी, शहर के भीतर खाड़ी में बदल जाती है। लेकिन कुछ शातिर असामाजिक तत्व, स्वयंभू आरटीआई कार्यकर्ता और फर्जी शिकायतकर्ता इसे नदी बताकर करोड़ों की उगाही के खेल में जुटे हैं!

बड़े खेल का खुलासा: कैसे होती है उगाही?

✅ खाड़ी को "नदी" घोषित कर संस्थानों को अपराधी साबित करने की साजिश!

✅ पर्यावरणीय उल्लंघन का झूठा डर दिखाकर कंपनियों से मोटी रकम वसूलने की कोशिश!

✅ लगातार झूठी आरटीआई और फर्जी शिकायतें दर्ज कर अधिकारियों पर दबाव बनाना!

✅ "सेटेलमेंट" के नाम पर कंपनियों से भारी उगाही, नहीं देने पर कार्रवाई की धमकी!

क्यों खतरनाक है यह खेल?

⚠ भिवंडी का औद्योगिक विकास संकट में!

⚠ खाड़ी किनारे स्थित कंपनियां हजारों लोगों को रोजगार देती हैं।

⚠ अगर उगाही का यह खेल यूं ही चलता रहा, तो कई कंपनियां बंद होने पर मजबूर हो सकती हैं, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर खतरा मंडरा रहा है।

प्रशासन की चुप्पी, असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद!

स्थानीय प्रशासन और महानगरपालिका की निष्क्रियता के चलते इन उगाहीबाजों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।

???? क्यों नहीं हो रही इस फर्जीवाड़े की जांच?

???? आखिर कब तक संस्थानों को इस तरह जबरन वसूली का शिकार बनाया जाएगा?

???? क्या प्रशासन इस गोरखधंधे में शामिल लोगों को बेनकाब करेगा?

जनता और संस्थानों से अपील!

❗ अगर कोई खाड़ी को नदी बताकर जबरन पैसे मांगता है या फर्जी शिकायतें करता है, तो तुरंत पुलिस और प्रशासन में शिकायत दर्ज करें!

❗ भिवंडी के औद्योगिक विकास को बचाने के लिए एकजुट हों और इस उगाही रैकेट का पर्दाफाश करें!

रिपोर्टर

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