भिवंडी में प्रदूषण का विस्फोट !

430 कंपनियों पर गिरी गाज शहर में फैला ज़हरीला धुआं

भिवंडी। भिवंडी शहर और ग्रामीण इलाकों में प्रदूषण को लेकर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल कल्याण विभाग  ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। प्रदूषण फैलाने वाली 430 कंपनियों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए 107 कंपनियों को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, 49 कंपनियों को अंतरिम निर्देश दिए गए हैं, 65 को प्रस्तावित आदेश भेजे गए हैं और 149 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 3 जून 2024 को एक आरटीआई से चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जनवरी और फरवरी 2024 में हुए सर्वेक्षण में 390 मोती कारखाने बिना अनुमति के चल रहे थे। इनमें से 93 को बंद करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन कानूनी प्रक्रियाओं के चलते कार्रवाई लटकी हुई है।

MPCB की उप प्रादेशिक अधिकारी श्रीमती सौजन्या पाटिल की 9 अगस्त 2021 को नियुक्ति हुई थी, लेकिन उनके कार्यकाल में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय लोग और पर्यावरणविद् इसे उनकी नाकामी मान रहे हैं। भिवंडी की डाइंग-साइजिंग कंपनियां अपने बॉयलर में लकड़ी, पुठ्ठा, रबर, प्लास्टिक, टायर और अन्य वेस्ट कचरा जलाकर शहर में ज़हरीला धुआं फैला रही हैं। रात के अंधेरे में अवैध गिरोह सक्रिय होकर कचरे की आपूर्ति कर रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में जहरीली राख की चादर बिछ रही है। शहर के 253 डाइंग-साइजिंग कारखानों में प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन MPCB अब तक कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संगठनों ने अधिकारी श्रीमती सौजन्या पाटिल के खिलाफ सख्त जांच और कार्रवाई की मांग की है। अगर जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भिवंडी का वायु प्रदूषण एक भयानक पर्यावरणीय संकट का रूप ले सकता है!

रिपोर्टर

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