वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद से गैरहाजिर रहे सांसद सुरेश ‘बाल्या मामा’

शहर में नाराजगी की लहर, समर्थन न देने पर उठे सवाल


‘बिकाऊ मीडिया’ को दिए बयान से बढ़ा विवाद


भिवंडी। वक्फ संशोधन विधेयक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भिवंडी लोकसभा के सांसद सुरेश 'बाल्या मामा' म्हात्रे के संसद से गैरहाजिर रहने को लेकर मुस्लिम बाहुल्य भिवंडी में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।

इस मुद्दे को लेकर सपा युवा अध्यक्ष फ़ारूक़ आज़मी ने खुलकर विरोध जताते हुए कहा कि "बाल्या मामा मुस्लिम वोटों के बल पर सांसद बने, लेकिन जब मुस्लिम समाज के एक अहम मुद्दे — वक्फ संशोधन विधेयक — पर उनका समर्थन जरूरी था, वह संसद से गायब रहे। यह उनकी कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।"

बिकाऊ मीडिया को दिया बयान, मच गया हड़कंप ::::

इस पूरे विवाद के बीच सांसद सुरेश म्हात्रे ने कुछ चुनिंदा चैनलों और पत्रकारों को दिए अपने बयान में सफाई देते हुए कहा कि "मैं बीमार था, ठाणे के संपदा अस्पताल में भर्ती था, इसी कारण संसद में उपस्थित नहीं हो सका।" उन्होंने आगे कहा कि "मैं इस विधेयक के खिलाफ हूं और संसद में कई बार इसका विरोध कर चुका हूं। ट्रस्ट, टोरेंट पावर और मेट्रो जैसे तमाम मुद्दों को मैंने संसद में उठाया है।" हालांकि, यह बयान उन्होंने सिर्फ कुछ चुनिंदा मीडिया चैनलों को ही दिया, जिसे लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कई लोगों का आरोप है कि सांसद ने ‘बिकाऊ मीडिया’ को अपने पक्ष में इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की है।

"मैं हिंदू हूं, इसलिए विरोध हो रहा है" — सांसद का बयान ::::

बाल्या मामा ने बयान में यह भी कहा कि "मैं एक हिंदू हूं, इसलिए कुछ लोग मुझे टारगेट कर रहे हैं।" उनके इस बयान ने शहर के राजनीतिक और सामाजिक माहौल को और भी गर्मा दिया है।

जनता में बढ़ती नाराजगी, सोशल मीडिया पर भड़की आग :::

फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सांसद के खिलाफ सैकड़ों पोस्ट और टिप्पणियां सामने आ रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर सांसद समर्थन करना चाहते थे तो वे JPC (संयुक्त संसदीय समिति) के जरिए भी समर्थन जता सकते थे।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भिवंडी की जनता इस मुद्दे को लेकर आगामी चुनावों में क्या रुख अपनाती है। लेकिन इतना तय है कि सांसद की गैरहाजिरी और चुनिंदा मीडिया को दिए गए बयान ने एक नया राजनीतिक तूफ़ान खड़ा कर दिया है।

रिपोर्टर

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