
राहुल गांधी के दबाव में केंद्र सरकार को लेनी पड़ी जातिगत जनगणना की पहल --- दयानंद चोरघे
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- May 01, 2025
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भिवंडी। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सामाजिक न्याय की नीति को प्राथमिकता दी है, और सभी जातीय समूहों को न्याय मिलना चाहिए। यह विचार कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की दृढ़ सोच रही है। इसी के तहत उन्होंने संसद में बार-बार जातिगत जनगणना की मांग उठाई। भले ही शुरुआत में भाजपा सरकार ने इसका विरोध किया हो, लेकिन अंततः मोदी सरकार को राहुल गांधी के दबाव में आकर यह निर्णय लेना पड़ा। यह राहुल गांधी के संघर्ष और विचारधारा की जीत है। ठाणे जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दयानंद चोरघे इस प्रकार की विचार प्रकट की है।
चोरघे ने आगे कहा कि जातिगत जनगणना से सभी समाज वर्गों को विकास में न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सामाजिक न्याय का समर्थन किया है। राहुल गांधी ने इसके लिए लंबा संघर्ष किया है, और एक बार फिर उनकी दूरदृष्टि देश और सरकार के सामने स्पष्ट हो गई है।”भाजपा ने ओबीसी आरक्षण का पहले विरोध किया था, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने संसद और सड़क दोनों पर जातिगत जनगणना का मुद्दा मजबूती से उठाया। इसके चलते केंद्र सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। चोरघे ने कहा, “यह राहुल गांधी की सोच और संघर्ष की जीत है, लेकिन फिर भी हम केंद्र सरकार का इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हैं।”उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले भी राहुल गांधी ने जो मुद्दे उठाए थे, उन्हें तानाशाही सोच वाली सरकार ने नज़रअंदाज़ किया था, लेकिन समय ने साबित किया कि राहुल गांधी की भूमिका ही सही थी। जातिगत जनगणना के निर्णय ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है।
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