चांद में किसानों की हुई बैठक में सैकड़ों किसानों ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री के घेराव का लिया संकल्प

संवाददाता अभिमन्यु सिंह की रिपोर्ट 

चांद (कैमूर)-- प्रखंड में भेरी गांव में किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं भारतीय किसान यूनियन कैमूर के नेतृत्व में किसानों की बड़ी बैठक की गई। बैठक में किसानों ने सैकड़ों की संख्या में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का घेराव करने पटना जाने का संकल्प लिया। बैठक में गोंई जिगिना सहबाजपुर चांद कुसहा खैंटी सिहोरिया भेरी अरैया वैरी बघैला सरैला मोरवा आदि गांवों के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। बैठक में 25 अगस्त 2025 को पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का घेराव करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया। चांद प्रखंड से 250 किसानों ने पटना जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया। किसानों की बैठक शुरू होने पर पशुपति नाथ सिंह महासचिव किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर ने चार प्रस्ताव पेश किया। किसानों ने चारों प्रस्ताव पर सर्वसम्मति पारित किया। पारित प्रस्ताव

एक जिला एक परियोजना एक भूमि प्रकृति एक मुआवजा के लिए सीओ गांव के बराबर 1 करोड़ 40 लाख रुपए प्रति एकड़ कृषि भूमि की मुआवजा,1करोड़ 40 लाख रुपए प्रति एकड़ कृषि भूमि का मुआवजा मिलने के बाद ही भूमि से छोड़ने, 25 अगस्त 2025 को पटना जाने की संख्या 2000 से अधिक रहने, संगठन को मजबूत करने के लिए किसान हर तरह सहयोग करने की संकल्प लिए।


किसानों की बैठक को संबोधित करते हुए पशुपति नाथ सिंह ने कहा किसानों की लड़ाई आर-पार की है। किसान अपनी पुरखों की जमीन को औने-पौने दाम पर अधिग्रहण करने नहीं दिया जाएगा। अनिल सिंह सचिव ने कहा संगठन को मजबूत करेंगे तो आने वाले समय किसानों का रहेगा उन्होंने सभी किसानों से अपील किया मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए बड़ी संख्या में किसान पटना पंहुचे। विमलेश पांडेय अध्यक्ष किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर ने कहा किसानों के लिए जीने मरने का समय है किसान अभी नहीं जागे तो आने वाले समय में सरकार किसानों की जमीन औने-पौने दाम पर अधिग्रहण कर लेगी। उन्होंने ने किसानों से अपील किया किसान पटना जाने में डरे नहीं किसानों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। अध्यक्ष ने कहा पहले विमलेश पांडेय पर लाठी लगेगी तब किसानों पर लाठी गिरेगी।


बैठक में किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। और भूमि अधिग्रहण कानून की जानकारी दी गई। किसानों की कार्यशाला में हर किसानों से बात की गई और उनके समस्याओं का निराकरण किया गया। भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे के लिए कैमूर जिले में कुल 93 मौजा का हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई है।उचित मुआवजा की मांग को लेकर किसानों ने पिछले तीन सालों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए कमिश्नर पटना ने सभी कृषि भूमि का मुआवजा दुना कर दिया गया था।दुना मुआवजा करने के बाद सीओ सारणपुर ढढनिया दुमदुम बेतरी गांव में मुआवजा कृषि भूमि का 1 करोड़ 30 लाख रुपए के आसपास हो गया है। किसानों ने कहा कृषि भूमि का मुआवजा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार सभी किसानों का एक समान होना चाहिए। बाकी गांवों के किसान एक जिला एक परियोजना एक भूमि प्रकृति एक मुआवजा की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दी है। किसानों ने भूमि पर एनएचएआई को कबजा नहीं करने दिया है।जिसे लेकर कैमूर जिले में प्रशासन एवं किसान आमने-सामने हैं। आंदोलन के अगले चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का घेराव करने के लिए हजारों की संख्या में किसान 25 अगस्त को पटना जाने की तैयारी कर रहे हैं। किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं भारतीय किसान यूनियन कैमूर जिले में पटना जाने की तैयारी को लेकर लगातार बैठकें कर रहा है। बैठक में विकी सिंह ददन सिंह जय नारायण सिंह टुनटुन सिंह मंशा सिंह रवि शंकर सिंह विकास उपाध्याय हरिऔध जी राणा प्रताप सिंह शैलेन्द्र सिंह राधे राम चंद्रजीत यादव विकास यादव अमित रंजन सिंह लाला सिंह रंगई सिंह ललन शर्मा आदि किसान उपस्थित थे।

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