
भिवंडी पालिका का भरारी पथक ‘कोमा’ में, आयुक्त की चुप्पी पर उठे सवाल
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Aug 31, 2025
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भिवंडी। भिवंडी- निजामपुर शहर महानगर पालिका में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए गठित भरारी पथक खुद निष्क्रिय होकर ‘कोमा’ में चला गया है। सात सदस्यों की यह टीम कर्मचारियों की हाजिरी, ड्रेस कोड और समयपालन पर नजर रखने के बजाय पालिका कार्यालय में बैठकर सिर्फ समय गुजार रही है। नतीजा यह है कि मुख्यालय और विभागों में कर्मचारी अपनी मर्जी से देर से आते हैं, जल्दी चले जाते हैं और नागरिकों का कामकाज ठप पड़ा रहता है।
सूत्रों के अनुसार, कई कर्मचारी ड्यूटी पर आने के बजाय निजी धंधों में लगे रहते हैं और कार्यालय में आते ही रिश्वतखोरी के जरिए मोटी कमाई कर दिन खत्म कर लेते हैं। इन पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी भरारी पथक को दी गई थी, मगर महीनों से यह टीम न रिपोर्ट बना रही है और न ही किसी कार्रवाई का अता-पता है।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि पालिका आयुक्त अनमोल सागर (भा.प्र.से.) की चुप्पी ने भ्रष्ट कर्मचारियों का मनोबल और बढ़ा दिया है। भरारी पथक उन्हीं के आदेश पर बनाया गया था, मगर अब इसकी जवाबदेही तय करने में आयुक्त खुद पीछे हटते दिख रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि आयुक्त की उदासीनता ने भ्रष्ट कर्मचारियों को खुली छूट दे दी है। शहरवासियों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो भिवंडी पालिका पूरी तरह से भ्रष्टाचार और मनमानी का अड्डा बन जाएगी। जनता की स्पष्ट मांग है कि आयुक्त तुरंत भरारी पथक को सक्रिय करें और रिश्वतखोरी व लेट-लतीफी में लिप्त कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करें। वरना यह संदेश जाएगा कि आयुक्त की चुप्पी भी भ्रष्टाचार की मौन स्वीकृति है। अब सवाल यह है कि आयुक्त अनमोल सागर जवाबदेही कब तय करेंगे — अभी, या तब जब भिवंडी की जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएगी ?
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