भिवंडी में सफेद पोश नेताओं के संरक्षण में फल-फूल रहा मटका जुआ का साम्राज्य

तीन दर्जन से अधिक सक्रिय अड्डे, पुलिस की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

भिवंडी। शहर और ग्रामीण इलाके में अवैध मटका-जुआ का कारोबार चरम पर है। सूत्रों के अनुसार भिवंडी में तीन दर्जन से अधिक बड़े जुआ अड्डे सक्रिय हैं, जहां हर रोज लाखों रुपये का दांव लगाया जाता है। कार्रवाई के नाम पर पुलिस मौन है, जिससे माफिया बेखौफ होकर धंधा चला रहे हैं। निजामपुर पुलिस स्टेशन सीमा अंतर्गत लगभग एक दर्जन से अधिक इलाकों में मटका जुआ का अड्डा संचालित है। यही नहीं, शहर पुलिस थाना, शांतिनगर, भोईवाडा और नारपोली पुलिस स्टेशन का इलाका भी इस अवैध कारोबार से अछूता नहीं है। नज़राना कंपाउंड के सामने लस्सी सायकल मार्ट के पीछे, हसीन सिनेमा के पास केबिन में, और नगर पालिका की पुरानी इमारत के पास खड़े ऑटो-रिक्शा में जुआ सट्टा धड़ल्ले से चलता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन अड्डों की जानकारी आम जनता को है लेकिन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि कार्रवाई नहीं की जा रही। सूत्र बताते हैं कि यह कारोबार नायडू नामक व्यक्ति के इशारे पर चलता है, जो भोले-भाले मजदूरों को “एक का सौ” दिखाकर उनकी मेहनत की कमाई ऐंठ लेता है। इन अड्डों पर पाना, चक्री, कटिंग पत्ता, स्टार बाजार, कल्याण बाजार और मेन बाजार जैसे कई जुआ का खेल खुलेआम खेले जाते हैं। इसके कारण कई परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार शिकायतें और कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन आरोप है कि माफिया को सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। इसी वजह से पुलिस हाथ बांधकर बैठी है और माफिया का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब जनता को तीन दर्जन से अधिक बड़े जुआ के अड्डों की जानकारी है, तो क्या पुलिस वाकई अनजान है या फिर सत्ता का दबाव ही कानून पर भारी पड़ रहा है ?

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट