भिवंडी में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट का हल्लाबोल
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Oct 08, 2025
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किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी और मुआवजे की मांग को लेकर तहसील कार्यालय पर मोर्चा
भिवंडी। किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट) ने भिवंडी तहसील कार्यालय पर जोरदार आंदोलन किया। यह मोर्चा भिवंडी प्रांत कार्यालय से निकलकर तहसीलदार कार्यालय तक पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में शिवसैनिकों ने “शेतकऱ्यांना न्याय द्या” और “कर्जमाफी लागू करा” जैसे नारे लगाते हुए सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। शिवसेना भिवंडी शहर जिला अध्यक्ष मनोज गगे ने कहा कि आंदोलन शिवसेना पक्षप्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आदेशानुसार, विरोधी पक्षनेता अंबादास दानवे और सचिव विनायक राऊत की संकल्पना के तहत आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की पीड़ा को अनदेखा कर रही है, जबकि लगातार बारिश और बाढ़ से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। आंदोलन के दौरान शिवसैनिकों ने प्रांत अधिकारी और तहसीलदार को एक विस्तृत निवेदन सौंपा, जिसमें किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की नुकसान भरपाई तथा बाढ़ में बह गए घरों के पुनर्निर्माण और समग्र सहायता की मांग की गई। शिवसेना नेताओं ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि सरकार ने किसानों की तत्काल मदद नहीं की तो शिवसेना सड़कों पर उतरेगी और आज का आंदोलन उसी संकल्प का हिस्सा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित राहत केवल दिखावे की है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों को कोई वास्तविक मदद नहीं मिल रही। इस आंदोलन में जिला संपर्क प्रमुख मनोज गगे, उपनेते विश्वास थले, जिला प्रमुख कुंदन पाटिल, महिला लोकसभा संपर्क प्रमुख आशा रसाल, तालुका प्रमुख करसन ठाकरे, शहर प्रमुख प्रसाद पाटील, महानगर प्रमुख अरुण पाटील, जिला सचिव राजाभाऊ पुण्यार्थी, वैशालीताई मेस्त्री, नाना झलके, जय भगत, नितेश दांडेकर और प्रकाश भोईर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे आंदोलन के दौरान शिवसैनिकों ने अनुशासन बनाए रखा, लेकिन अपनी मांगों को लेकर वे पूरी दृढ़ता से डटे रहे। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट) ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों की पूरी कर्जमाफी और वास्तविक मुआवजा नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।


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