सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने किया स्थलीय निरीक्षण, राहत कार्य तेज़

आज़मगढ़ । जनपद के कोल बाजबहादुर गांव में अचानक बढ़े बुखार के मामलों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एन.आर. वर्मा ने गुरुवार सुबह स्वयं गांव का दौरा कर स्थिति का जायज़ा लिया और त्वरित राहत कार्यों के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पल्हनी, डॉ. शकील, को तत्काल स्वास्थ्य शिविर स्थापित कर दवा वितरण, मरीजों की जांच और परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।सीएमओ ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और समय पर इलाज के महत्व पर बल दिया। उन्होंने बताया कि अब तक क्षेत्र में छह स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से करीब 510 मरीजों की जांच व उपचार किया गया है। इनमें से 12 मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उनके सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए जिला चिकित्सालय भेजे गए हैं।???? फॉगिंग और छिड़काव के निर्देशडॉ. वर्मा ने गांव के प्रधान की उपस्थिति में स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग हर संभव सहायता देने को तत्पर है। उन्होंने क्षेत्र में नियमित फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।साथ ही, गांव के प्रभावशाली लोगों से सहयोग लेकर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने की अपील भी की गई। उन्होंने कहा, "जन-सहभागिता और स्वच्छता ही इन बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है।"घर-घर चल रहा जागरूकता अभियानमलेरिया निरीक्षक एवं पल्हनी सीएचसी की टीम लगातार घर-घर जाकर पानी के स्रोतों को साफ करने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को हटाने, और बुखार के लक्षणों की पहचान कर तत्काल जांच कराने की अपील कर रही है।इसके अतिरिक्त, ‘दस्तक अभियान’ के तहत आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी लोगों को उनके घरों पर जाकर स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है।सीएमओ डॉ. वर्मा ने आमजन से अपील की है कि अपने घरों और आसपास पानी एकत्र न होने दें, मच्छरदानी का प्रयोग करें और बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, आज़मगढ़स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

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