भिवंडी में उर्दू घर की राह हुई आसान, सरकार ने दी भूमि आवंटन को मंजूरी

भिवंडी। उर्दू भाषा और संस्कृति से गहरा लगाव रखने वाले भिवंडी शहर के नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से उठाई जा रही उर्दू घर की माँग को महाराष्ट्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। सरकार की स्वीकृति और भूमि आवंटन के साथ यह सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ चला है। इस पहल की कमान भिवंडी (पूर्व) के समाजवादी पार्टी विधायक रईस शेख ने संभाली। वर्ष 2021 में प्रस्ताव पेश करने से लेकर अब तक उन्हें कई तकनीकी और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद सफलता उनके कदम चूमती दिख रही है। भिवंडी, जिसे देश में “मैनचेस्टर ऑफ इंडिया” के रूप में पहचान मिली है, बड़ी संख्या में उर्दूभाषी नागरिकों वाला शहर है। यहां के सरकारी और निजी उर्दू स्कूलों में हज़ारों विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कई छात्र उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। ऐसे में उर्दू घर न केवल सांस्कृतिक विकास का केंद्र बनेगा, बल्कि भाषा संरक्षण और साहित्यिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगा।सरकार की नीति के तहत इस परियोजना के लिए विभाग के पास 2500 वर्गमीटर भूमि का होना अनिवार्य था। इस शर्त को पूरा करने के लिए विधायक शेख ने स्कूल नंबर 22-62 के सामने ग्राम पंचायत समिति की भूमि को चिह्नित कराया और उसे उर्दू घर के लिए उपलब्ध करवाया। अब इसी भूमि पर निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। विधायक रईस शेख ने जानकारी दी कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को पत्र लिखकर संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक जल्द बुलाए जाने का अनुरोध किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बैठक के बाद यह परियोजना जमीन पर उतरते हुए तेजी से आगे बढ़ेगी। शहर के लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया और विधायक शेख के प्रयासों की सराहना की है।

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