भिवंडी में श्रद्धा और आस्था के साथ सम्पन्न हुआ छठ महापर्व
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Oct 29, 2025
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भिवंडी। दिवाली के बाद मनाए जाने वाले लोकआस्था के महापर्व छठ की भव्यता भिवंडी में भी देखने को मिली। शहर के विभिन्न तालाबों और नदी किनारों पर रविवार की शाम से ही छठी मईया के भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली बड़ी आबादी वाले इस बहुभाषी शहर में चार दिवसीय पर्व का समापन सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर हुआ।
पर्व के तीसरे दिन हजारों व्रती महिलाओं ने निर्जला उपवास रखते हुए ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया तथा रातभर कठिन तपस्या के साथ पूजा-अर्चना की। वहीं अंतिम दिन उगते सूर्य की उपासना कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामनाएं की गईं। अर्घ्य पश्चात प्रसाद वितरण भी किया गया।
शहर के वराला देवी घाट, कामतघर घाट, फेनेगांव घाट, भादवड़ तालाब, नारपोली तालाब, तड़ाली तलाव, करीवली तलाव और कामवारी नदी स्थित लोकमान्य तिलक घाट सहित शेलार क्षेत्र में व्रतियों की भारी भीड़ रही। आयोजन को लेकर महानगरपालिका प्रशासन ने घाटों की सफाई, रोशनी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए। हालांकि सूर्यास्त के समय हुई बारिश से श्रद्धालुओं को थोड़ी असुविधा हुई, लेकिन पूजा के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
स्थानीय निकाय चुनावों की नजदीकी को देखते हुए कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी घाटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। वराला देवी तालाब पर छठ फाउंडेशन और स्व. नरेश झा फाउंडेशन की ओर से विशेष मंच बनाकर भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें धीरेन्द्र पाल, अशोक झा और माय म्यूजिकल समूह द्वारा भक्तिमय प्रस्तुतियाँ दी गईं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश कुमार झा, शैलेश झा, पवन गुप्ता, शिवम कुमार झा, मनीष मिश्रा सहित कई स्वयंसेवकों ने विशेष सहयोग किया। छठ मईया की जयकारों के बीच सम्पन्न हुए इस महापर्व ने भिवंडी में धार्मिक उत्साह और सामुदायिक सौहार्द का सुंदर संदेश दिया।


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