नदी में डूबते बच्चे की जान बचाने वाले कैमूर के वीर कमलेश को मरणोपरांत मिलेगा ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’

26 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित होगा समारोह, परिजन हुए रवाना

संवाददाता संदीप कुमार की रिपोर्ट 

कैमूर-- जिले के मोहनियां प्रखंड अंतर्गत जैतपुर भदवलिया गांव के लाल, दिवंगत कमलेश कुमार के अदम्य साहस और बलिदान को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने जा रही है। भारत सरकार ने कमलेश कुमार को उनकी वीरता और मानवता के लिए मरणोपरांत 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2025' के लिए चुना है। यह सम्मान आगामी 26 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। ज्ञात हो कि मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में कमलेश कुमार ने दुर्गावती नदी में डूब रहे एक अन्य बच्चे की जान बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी थी। उस मासूम को बचाते समय कमलेश स्वयं डूब गए और वीरगति को प्राप्त हुए। उनके इस सर्वोच्च बलिदान ने न केवल कैमूर जिला, बल्कि पूरे बिहार राज्य को गौरवान्वित किया है। पुरस्कार ग्रहण करने के लिए कमलेश के परिजन बुधवार को जिला प्रशासन के सहयोग से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए। परिजनों को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) और जिला परियोजना प्रबंधक (महिला एवं बाल विकास विभाग) की देखरेख में दिल्ली भेजा गया है। जिला प्रशासन ने परिवार को आवश्यक मार्गदर्शन और यात्रा की सभी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं। जिला प्रशासन कैमूर ने वीर बालक कमलेश की शहादत को नमन करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। अधिकारियों ने कहा कि कमलेश का साहस और मानवीय मूल्य समाज के लिए युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। यह पुरस्कार उनके बलिदान को चिरस्थायी स्मृति प्रदान करेगा।


रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट