परिवहन विभाग की कार्रवाई, 25 बसों से वसूला 3.10 लाख जुर्माना
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jan 09, 2026
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जिला संवाददाता संदिप कुमार
कैमूर:- बिहार परिवहन विभाग के निर्देशानुसार देशभर में मनाए जा रहे 'सड़क सुरक्षा माह 2026' के तहत शुक्रवार को कैमूर जिले में यात्री बसों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के नेतृत्व में संचालित इस विशेष प्रवर्तन अभियान में नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया। जांच दल ने दिन भर में कुल 100 यात्री बसों की आकस्मिक जांच की, जिसमें से 25 बसें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाई गईं।
इन सभी बसों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 3 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान डीटीओ ने स्वयं बसों के भीतर जाकर सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। जांच का मुख्य केंद्र बिंदु वाहनों में लगे तकनीकी उपकरण रहे। विशेष रूप से वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), इमरजेंसी एग्जिट और पैनिक बटन की क्रियाशीलता की जांच की गई। इसके साथ ही बसों के वैध परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) और प्राथमिक उपचार किट (फर्स्ट एड किट) की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। जिन बसों में पैनिक बटन या ट्रैकिंग डिवाइस काम नहीं कर रहे थे, उन पर मौके पर ही कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी, कैमूर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, "सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना भी है। पैनिक बटन और VLTD जैसे उपकरण आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं। ऐसे औचक निरीक्षण भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।"
परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि वे सड़क पर वाहन उतारने से पहले सभी तकनीकी और कानूनी कागजात दुरुस्त कर लें। विभाग ने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन न केवल जुर्माने से बचाता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी सहायक होता है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के बस संचालकों में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।


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