शिवहर के हिरौता में गूंजी 'सुरक्षित बचपन' की आवाज, नालसा की 'जागृति' योजना के तहत ग्रामीणों को किया गया जागरूक

शिवहर ब्यूरो चीफ अंकित कुमार 

शिवहर:-- जिलें बच्चों का बचपन सुरक्षित रखने और उन्हें बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से तरियानी प्रखंड के हिरौता गाँव में एक विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), शिवहर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार और सचिव ललन कुमार रजक के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की 'जागृति' स्कीम के तहत आयोजित हुआ, जिसका मुख्य विषय 'सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य' था।

कानूनी अधिकारों और पॉक्सो एक्ट की दी जानकारी

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल पैनल अधिवक्ता अर्जुन कुमार ने ग्रामीणों को बच्चों के मौलिक अधिकारों से रूबरू कराया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं समाज के लिए कलंक हैं। इनसे निपटने के लिए बने कड़े कानूनों, विशेषकर 'पॉक्सो अधिनियम' (POCSO Act) के बारे में उन्होंने ग्रामीणों को विस्तार से समझाया।

मुफ्त कानूनी मदद के लिए डायल करें '15100'

इस दौरान ग्रामीणों को राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी गई, जिसके जरिए कोई भी जरूरतमंद मुफ्त कानूनी सहायता पा सकता है। इसके अलावा, स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat) की उपयोगिता बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिजली, पानी, बीमा और परिवहन जैसी सार्वजनिक समस्याओं का निपटारा यहाँ बिना किसी अदालती फीस के बेहद आसानी से किया जाता है।

शिविर में पीएलवी (PLV) मेनका कुमारी ने प्राधिकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवेयरनेस प्रोग्राम का मुख्य मकसद ग्रामीण स्तर पर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना रहा, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित माहौल मिल सके। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध जन मौजूद थे।

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