बिहार के औद्योगिक सपने को झटका : 10 साल में ही बंद हो गया झूला वनस्पति कारखाना, सैकड़ों मजदूर बेरोजगार
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Sep 06, 2026
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संवाददाता पारसनाथ दुबे
डेहरी रोहतास।बिहार को औद्योगिक पहचान दिलाने का सपना दिखाने वाला झूला वनस्पति लिमिटेड (JVL) का पहलेजा स्थित कारखाना अब पूरी तरह वीरान पड़ा है।
बताया जाता है कि कंपनी के मालिक दीनानाथ झुनझुनवाला ने बड़ी सोच के साथ 2009 में इस कारखाने की स्थापना पहलेजा में की थी। उस समय पूरे डालमियानगर औद्योगिक क्षेत्र में खुशी का माहौल था और लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब पलायन रुकेगा।
कारखाने में प्रतिदिन 500 टन रिफाइंड तेल और 200 टन वनस्पति घी का उत्पादन शुरू हुआ। इससे सैकड़ों स्थानीय युवकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला। कंपनी का मुख्यालय नाटी इमली, बनारस में था, जहाँ से पूरे कारोबार का संचालन होता था।
लेकिन कुछ सालों बाद ही कंपनी आर्थिक संकट में घिर गई। प्रबंधन और श्रमिकों के बीच विवाद बढ़ने लगा। मजदूरों का आरोप है कि समय पर वेतन, बोनस, PF और ESI नहीं मिल रहा था, जिससे 2016 में बड़ी हड़ताल भी हुई।
उत्पादन लगातार घटता गया और माल की बिक्री न होने से कंपनी को भारी नुकसान होने लगा। आर्थिक स्थिति बिगड़ने के बाद आखिरकार 2019 में प्रबंधन ने उत्पादन पूरी तरह बंद कर दिया। इसी तरह इसका दूसरा यूनिट भी राइस मिल समापन में जाने के बाद अकोढी गौला मैं स्थित था वह भी इंडस्ट्रीज श्रमिकों के बीच टकराव के चलते बंद हो गया
आज आलम यह है कि करोड़ों की मशीनों पर जंग लग गई है और परिसर सुनसान पड़ा है। रोजगार छिन जाने से सैकड़ों मजदूर फिर से दूसरे राज्यों में पलायन को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि बंद पड़े इस औद्योगिक केंद्र को फिर से चालू कराने के लिए ठोस पहल की जाए, ताकि रोहतास के इस ऐतिहासिक औद्योगिक क्षेत्र में फिर से रोजगार लौट सके।


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