भाकपा माले का राज्य सम्मेलन सम्पन्न


रोहतास।सासाराम के महात्मा फुले मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के 'कामरेड शंकर सिंह सभागार' में चल रहा अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (AIKMS) का दो दिवसीय चतुर्थ बिहार राज्य सम्मेलन आज दिनांक 6 सितम्बर, 2026 को सांगठनिक मजबूती और नए संघर्षों के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। कल 5 सितंबर को हुए उद्घाटन सत्र के पश्चात शुरू हुए प्रतिनिधि सत्र में बिहार के विभिन्न जिलों से आए हुए सैकड़ों प्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख दस्तावेज़ प्रस्तुत और पारित किए गए:

प्रथम दस्तावेज़ (केंद्रीय कार्यकारिणी का किसानों से आह्वान):

इसे संगठन के अखिल भारतीय महासचिव कामरेड डॉक्टर आशीष मित्तल ने प्रस्तुत किया। उन्होंने देश में किसानों के सामने खड़ी विभिन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला, जैसे अमेरिका के दबाव में किसान विरोधी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का खतरा, मनरेगा का समाप्त किया जाना, खेती की बढ़ती लागत एवं उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिलना, सरकार द्वारा अनाज की कम खरीद करना, खेती का कॉरपोरेटीकरण होना तथा भूमिहीनों को कृषि व आवासीय जमीन न मिलना। प्रतिनिधियों द्वारा इस पर अपने विचार, सवाल व सुझाव रखे जाने और नेतृत्व द्वारा उत्तर दिए जाने के बाद इस दस्तावेज़ को सर्वसम्मति से पारित किया गया।

 दूसरा दस्तावेज़ (राज्य कार्यकारिणी की संगठनात्मक रिपोर्ट):

इसे राज्य कमिटी के महासचिव कामरेड शंभू प्रसाद सिंह ने प्रस्तुत किया। इस पर कई प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं आलोचनाएं भी रखीं। काफी समय तक चली चर्चा के बाद पूर्व राज्य कार्यकारिणी की ओर से कॉम शंभू सिंह ने उत्तर दिया। प्रतिनिधियों के सुझावों और आलोचनाओं को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में नई कार्यकारिणी द्वारा अधिक सुचारू रूप से आंदोलन को विकसित करने का आश्वासन दिया गया, जिसके पश्चात इस रिपोर्ट को प्रतिनिधियों द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया।

नई राज्य कमिटी का गठन:

सम्मेलन के अंतिम चरण में सांगठनिक कार्य को सुचारू रूप से चलाने और आगामी संघर्षों के नेतृत्व के लिए सर्वसम्मति से नई बिहार राज्य कमिटी का चुनाव किया गया, जो इस प्रकार है:

अध्यक्ष: शंभू प्रसाद सिंह

उपाध्यक्ष: रामचंद्र सिंह

महासचिव: अयोध्या राम

कार्यकारिणी सदस्य: राम वृक्ष राम, रुदल, अशोक मंडल, सुदामा, सुरेंद्र सिंह, मानती राम, रमेश।

अंत में सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए प्रतिनिधियों की ओर से आयोजन कमिटी के स्वयंसेवी साथियों एवं लोकसंघर्ष मोर्चा के साथियों को धन्यवाद दिया गया।

मांगों पर जुझारू संघर्षों को विकसित करने का प्रण लेते हुए— "किसान संघर्ष जिंदाबाद", "जमीन, आजीविका एवं रोजगार के लिए लड़ो", "कृषि के कॉरपोरेटीकरण के खिलाफ गोलबंद हो" इत्यादि गगनभेदी नारों के साथ सम्मेलन की समाप्ति की घोषणा की गई।


         

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