प्लेटफार्म पर बिछड़ी 12 वर्षीय किशोरी को आरपीएफ नबीनगर ने परिजनों से मिलाया, तत्परता से टली अनहोनी

अखिल भारतीय समाचार टीम 

बिहार----- औरंगाबाद जिले के नबीनगर रेलवे स्टेशनों पर अपराध नियंत्रण के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा और सहायता को लेकर रेलवे सुरक्षा बल लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में आरपीएफ नबीनगर की तत्परता और मानवीय पहल से प्लेटफार्म पर अपने परिजनों से बिछड़ी करीब 12 वर्षीय किशोरी को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। मामला 16 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:30 बजे का है। जानकारी के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट नबीनगर के सहायक निरीक्षक जितेंद्र प्रताप यादव, प्रधान आरक्षी ज्ञान प्रकाश और आरक्षी संतोष कुमार मिश्रा स्टेशन परिसर में नियमित गश्त एवं निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान आरपीएफ जवानों की नजर एक बच्ची पर पड़ी, जो काफी घबराई और परेशान अवस्था में एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर बार-बार आ-जा रही थी आरपीएफ कर्मियों ने बच्ची को रोककर उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बच्ची ने अपना नाम करिश्मा कुमारी, उम्र करीब 12 वर्ष, पिता पप्पू सिंह, निवासी लकड़ी गांव, थाना कोचस, जिला रोहतास बताया बच्ची ने आरपीएफ को बताया कि वह अपनी बुआ और दादी के साथ महुआ धाम देवी दर्शन के लिए आई थी। रात में वह अपनी बुआ और दादी के साथ नबीनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो के अंतिम छोर पर सोई हुई थी। जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि उसकी बुआ और दादी वहां मौजूद नहीं थीं, परिजनों को आसपास नहीं पाकर बच्ची घबरा गई और स्टेशन परिसर में उन्हें तलाशने लगी। इसी दौरान आरपीएफ जवानों ने बच्ची को परेशान हालत में देखा और उससे पूछताछ कर पूरी स्थिति की जानकारी ली, बच्ची की उम्र कम होने और रात के समय स्टेशन परिसर में अकेले होने को देखते हुए आरपीएफ ने मामले को गंभीरता से लिया। किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका को देखते हुए बच्ची को तत्काल रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट नबीनगर लाया गया, और उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया। इसके बाद आरपीएफ द्वारा बच्ची के बताए गए पते के आधार पर कोचस थाना को उपलब्ध माध्यमों से सूचना दी गई, ताकि उसके परिजनों तक जल्द से जल्द जानकारी पहुंचाई जा सके। वहीं, बच्ची के परिजनों की तलाश और सूचना पहुंचाने के लिए डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन के पीए सिस्टम के माध्यम से भी उद्घोषणा कराई गई इधर, कोचस थाना के चौकीदार के माध्यम से बच्ची के घर तक भी सूचना पहुंचाई गई आरपीएफ की ओर से लगातार प्रयास किए जाने के बाद बच्ची के परिजनों को उसके नबीनगर स्टेशन पर सुरक्षित होने की जानकारी मिली इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को बच्ची के परिजन रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट नबीनगर पहुंचे। परिजनों के पहुंचने के बाद आरपीएफ कर्मियों ने उनकी पहचान और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की सत्यापन के बाद नियमानुसार सुपुर्दगीनामा तैयार किया गया और रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट नबीनगर में मौजूद सहायक उप निरीक्षक शिवशंकर यादव द्वारा फोटोग्राफी करते हुए बिछड़ी हुई किशोरी करिश्मा कुमारी को उसके चाचा रमेश चौहान एवं बुआ रीता देवी के सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया किशोरी के परिजनों ने आरपीएफ नबीनगर की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए आभार जताया। वहीं आरपीएफ की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया कि रेलवे सुरक्षा बल सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यात्रियों और विशेषकर बच्चों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए भी तत्पर रहता है। रात के समय स्टेशन पर अकेली और घबराई हुई बच्ची को समय रहते आरपीएफ जवानों द्वारा पहचानना और उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लेना बेहद महत्वपूर्ण रहा। आरपीएफ की सक्रियता के कारण बच्ची को उसके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सका, और किसी संभावित अनहोनी को भी टाला गया। कुल मिलाकर आरपीएफ नबीनगर की तत्परता, सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते प्लेटफार्म पर बिछड़ी 12 वर्षीय किशोरी आखिरकार अपने परिजनों से मिल गई।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट