
मिनरल वाटर के नाम पर पानी में हो रही कालाबाजारी
- Hindi Samaachar
- Jul 25, 2019
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जौनपुर । यह सुनने में भले ही लोगों को ताज्जुब लगे, लेकिन बात है सोलहो आने सच..। शहर में पीने के पानी की भी कालाबाजारी चर्चाओं में है। प्रशासन ने जिले भी में चल रहे अवैध आरओ प्लांट पर नकेल क्या कसी कि पेयजल की घोर किल्ल्त उठ खड़ी हुई। इस धंधे में लिप्त लोग प्रशासन के आदेश को धता बताते हुए रात के अंधेरे में चोरी-छिपे कथित मिनरल वाटर की आपूर्ति बढ़े हुए दामों में करने में जुट गए हैं। इतना ही नहीं कीमत बढ़ा जरूरतमंदों से सौदेबाजी भी की जा रही है। 20 रुपये में बिकने वाले जार को 40 से 50 रुपये में बेचा जा रहा है।जिला प्रशासन द्वारा आरओ के अवैध कारोबार पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी अरविद मलप्पा बंगारी मानकों को ताक पर रख चल रहे आरओ प्लांट को सीज करने का आदेश दे चुके हैं। इसके बाद बढ़ी पानी की किल्लत के बीच बीते दो दिनों से पानी की कालाबाजारी शुरू कर दी गई है। पंजाबी मार्केट, शकरमंडी, इशापुर व ताड़तला समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर पानी की कालाबाजारी की जा रही है। कुल मिलाकर प्रशासन की इस कार्रवाई का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ रहा है। रोक के बाद भी बड़े पैमाने पर हो रहे जल दोहन से न जिला प्रशासन के साथ ही नगर पालिका की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।कथित मिनरल वाटर का कारोबार ग्रामीण इलाकों तक में पहुंच चुका है। तहसीलों समेत छोटे-छोटे कस्बों में भी इस अवैध पानी के कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। नगर में प्रतिबंध लगने के बाद तमाम ऐसे लोग भी हैं जो बढ़ी कीमतों पर शहर लाकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। बकायदा इसके लिए अलग-अलग जगहों पर स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि नगर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अवैध पानी के इस कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाय।
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