
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल बना भ्रष्टाचार और लापरवाही का केंद्र
- Hindi Samaachar
- Sep 25, 2018
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विंध्याचल(मिर्जापुर) । प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ष सरकारी अस्पतालों मे खर्च के नाम पर आम जनता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लाखों लाख रुपए आम बजट देती है किंतु सरकारी अस्पतालों की हालत आज भी बद से बदतर बनी हुई है। मां विंध्यवासिनी धाम में स्थित संयुक्त चिकित्सालय विंध्याचल के सबसे महत्वपूर्ण अस्पताल होने के बावजूद यहां के चिकित्सीय व्यवस्था भ्रष्टाचार के चलते बदहाल बना हुआ है। यहां के अस्पताल में दवा नहीं मिल पाती है, इलाज के लिए दवा आती है किंतु आए दिन इस अस्पताल की हालत बद से बदतर होने के साथ यात्रियों को भारी कष्टों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि बिंध्याचल संयुक्त चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य चिकित्सक विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी होने के बावजूद कोई चिकित्सक समय से नहीं बैठते हैं। उन्हें दवाएं भी उपलब्ध नहीं हो पाती है, बताते हैं कि दूर-दराज से आए यहां इलाज के लिए मरीज पहुंचते हैं यहां पर तैनात डॉक्टर तथा अन्य कर्मियों सहित चिकित्सा अधीक्षक अपने चैंबर से अधिकतर गायब रहते हैं। गाहे-बगाहे चिकित्सालय अस्पताल में बैठे दूर-दराज से आए मरीजों के साइकिल गायब हो जाना लाजमी है। चिकित्सा अधीक्षक का कार्यालय मखाने के रूप में परिवर्तित हो जाता है और साथियों के साथ झूम बराबर झूम का रूप धारण कर लेता है लोगों का कहना है कि अब तक इस अस्पताल परिसर में चिकित्सा अधीक्षक के कार्यकाल में सैकड़ों की संख्या में साइकिल चोरी की जा चुकी है। मरीजों से धन उगाही व्यवस्था आम बात हो गई है। रात 8:00 बजे से कोई चिकित्सा या चिकित्सक उपलब्ध नहीं होता जैसा कि एक वाक्य शनिवार के बीती रात लगभग 2:00 बजे एक पत्रकार की हालत गंभीर होने पर उनके मोबाइल से संपर्क करने तथा पत्रकार के रूप मे परिचय दिया गया गंभीर हालत होने की जानकारी देने के बाद मोबाइल बंद कर इलाज से इंकार कर दिए । जानकारी होने के बावजूद भी चिकित्सक ने इलाज करने से मना कर दिया । जो भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है क्षेत्र की जनता ने ऐसे अधीक्षक को जल्द से जल्द स्थानांतरित करने की मांग की है।
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