चटनी - रोटी खाकर आशा वर्कर्स महिलाओं ने किया मनपा मुख्यालय के सामने आन्दोलन

भिवंडी।। समाज के सभी वर्ग तक पहुंचने वाली एवं स्वास्थ्य सेवाओं को घर घर पहुंचने वाली आशा वर्कर्स महिलाओं को पालिका प्रशासन द्वारा दिवाली बोनस नही देने पर नाराज़ महिलाएं महानगर पालिका गेट के बाहर 21 अक्टूबर को भाऊबीज त्यौहार मनाकर अनोखा आन्दोलन करते हुए काली दिवाली मनाई थी। किन्तु उनकी मांग पूरी ना होने पर सोमवार को सुबह पुनः पालिका गेट के बाहर चटनी - रोटी खाकर आन्दोलन किया। भिवंडी पालिका क्षेत्र में लगभग 142 आशा वर्कर्स मामूली वेतन पर अपनी सेवाएं प्रदान करती है। भिवंडी पालिका  प्रशासन आशा वर्कर्स को भी दीपावली बोनस प्रदान करें। इस मांग को लेकर 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र राज्य गट प्रवर्तक व आशा स्वयं सेविका संघ के महाराष्ट्र प्रदेश सचिव भगवान दवणे के नेतृत्व में पालिका मुख्यालय के बाहर महिलाओं ने भाऊ बीज का त्यौहार मनाकर काली दिवाली मनाई थी। इस आन्दोलन के बाद महिला मंडल का एक शिष्टमंडल पालिका मुख्यालय उपायुक्त दीपक पुजारी से मुलाकात की तब उन्होंने महिलाओं को आश्वासन देते हुए कहा था कि आयुक्त से चर्चा करने के बाद इसका फैसला किया जायेगा और दीवाली बोनस देने के आश्वासन पर महिलाओं ने अपना आंदोलन समाप्त किया। किन्तु एक माह बीत जाने के बाद भी आशा वर्कर्स महिलाओं को न्याय नहीं मिला। जिसके कारण सोमवार सुबह ही आशा वर्कर्स महिलाएं पालिका मुख्यालय के मुख्य गेट के बाहर आंदोलन करते हुए चटनी - रोटी खाकर पालिका प्रशासन के खिलाफ तीव्र नाराजगी व्यक्त की। इस आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे भगवान देवणे ने बताया कि पालिका प्रशासन ने राज्य और केंद्र सरकार से आऐ इन महिलाओं को देय राशि भी रोक कर रखी है, जबकि ये बहुत कम पारिश्रमिक पर काम कर रही है।पारिश्रमिक राशि नहीं मिलने के कारण भुखमरी के कगार पर है। अगर आंदोलन के बाद प्रशासन नहीं जागा तो महिलाएं महानगर पालिका मुख्यालय के प्रवेश द्वार के सामने थाली नाथ कर उग्र आंदोलन करेंगी।

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