भिवंडी की सियासत में उबाल

चुनाव आते ही नेता बदल रहे रंग भ्रष्टाचार और विकास मुद्दों से गायब


भिवंडी।  विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों ने भिवंडी की राजनीति में ऐसी हलचल मचाई है कि नेता अपनी पुरानी भूमिकाएं छोड़कर नए रंग में रंगते नजर आ रहे है। चुनावी समर में उतरते ही सियासी पलटवार और कटाक्षों की बाढ़ आ गई है। नेताओं का बदलता व्यवहार ऐसा है जैसे गिरगिट भी शरमा जाए। एक दिन पहले तक एक-दूसरे के खिलाफ आग उगलने वाले, आज एक-दूसरे के साथ खड़े होकर हाथ थामे देखे जा रहे हैं।

टीका-टिप्पणी और अभद्रता की राजनीति ::::

राजनीति के इस मैदान में बयानबाजी ने सभी सीमाएं लांघ दी है। शहर की गलियों और चुनावी सभाओं में कटाक्षों का ऐसा खेल चल रहा है, जिसे सुनकर जनता भी चौंक रही है। कोई नेता अपने विरोधियों की “चड्डी उतारने” की धमकी दे रहा है, तो कोई दूसरे दल के नेता को “कुत्ता” कहने से भी परहेज नहीं कर रहा। भाषाई मर्यादाओं को लांघते हुए ये नेता केवल चुनावी गणित साधने में लगे हुए है, जबकि शहर के असली मुद्दे गायब हो चुके हैं।

विकास और भ्रष्टाचार पर सन्नाटा ::::::

भिवंडी शहर के बुनियादी मुद्दे—सड़कों की जर्जर हालत, बेरोजगारी,पानी की कमी और भ्रष्टाचार—हर बार चुनावी एजेंडा बनने चाहिए थे, लेकिन इस बार भी नेताओं को इन विषयों पर बोलने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हर पार्टी बस आरोपों और व्यक्तिगत हमलों की राजनीति कर रही है। विकास की बात करने वाले लापता है, और भ्रष्टाचार पर चर्चा करने वाला कोई नहीं।

पैराशूट उम्मीदवारों के खिलाफ आक्रोश :::

चुनाव में पैराशूट उम्मीदवारों की एंट्री ने भिवंडी की राजनीति में नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। बाहरी और आयातित नेताओं को टिकट मिलने से स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। निर्दलीय उम्मीदवार और स्थानीय पदाधिकारी खुलकर विरोध कर रहे है। शहर के लोगों का कहना है कि ये बाहरी नेता सिर्फ सत्ता का खेल खेलने आए है, जबकि क्षेत्रीय जनता की समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं।

गिरगिट की तरह रंग बदलते नेता ::::

भिवंडी की सियासत में कई ऐसे नेता भी हैं जो चुनावी माहौल बनते ही अपने पुराने बयानों से पलट गए हैं। कल तक जो नेता बाहरी उम्मीदवारों की आलोचना करते नहीं थकते थे, आज उन्हीं के समर्थन में खड़े हो गए है। सत्ता की लालच में नैतिकता और सिद्धांतों को ताक पर रख दिया गया है। लोगों ने नेताओं के इस पलटीबाज़ रवैये पर कटाक्ष करना शुरू कर दिया है, और अब सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कौन है सच्चा और कौन है दिखावटी ?

चुनावी तमाशा देख रही है जनता ::::

भिवंडी के मतदाता इन बदलते राजनीतिक रंगों को भली-भांति देख रहे हैं। चुनावी माहौल में उठती इस धूल के बीच जनता यह तय करने की कोशिश कर रही है कि कौन उनके हित में काम करेगा और कौन सिर्फ सत्ता के लिए यह खेल खेल रहा है। शहर के लोग अब देख रहे हैं कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले ये नेता किस हद तक जाकर अपनी राजनीति साधेंगे और क्या उनकी बदलती रणनीतियां इस बार वोटरों को प्रभावित कर पाएंगी। भिवंडी में सियासी दांव-पेच अपने चरम पर हैं, और चुनावी खेल दिन-ब-दिन दिलचस्प होता जा रहा है.जनता की निगाहें अब नेताओं की हर चाल पर टिकी है, और हर कोई यह जानना चाहता है कि इन सियासी बदलाओं का असली चेहरा क्या है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट