अधूरे सड़क कार्यों ने बढ़ाई नागरिकों की मुसीबत

चुनावी माहौल में जनता बेहाल‌ !

भिवंडी। भिवंडी शहर की सड़कों की खस्ताहाल और एमएमआरडीए द्वारा चल रहे अधूरे कांक्रीटीकरण के कारण शहरवासियों का हाल बेहाल हो गया है। अधूरे पड़े सड़क कार्यों ने यातायात को इतना प्रभावित कर दिया है कि रोजमर्रा के काम करने वाले लोगों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धामणकर नाका से मंडई तक के सड़क का कांक्रीटीकरण का काम चल रहा है। लेकिन ठेकेदार ने जगह-जगह सड़क खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया है। नतीजतन, वाहन चालकों को इस सड़क से गुजरने में जद्दोजहद करनी पड़ रही है। शाम के समय में जब विधानसभा चुनाव प्रचार रैलियां इस मार्ग से गुजरती है तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। घंटों तक जाम में फंसे रहना यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन चुका है।

भाजी मार्केट और गुलज़ार कोल्ड्रिंक हाउस के आसपास भी सड़क खोदाई का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। यह अधूरा कार्य न केवल वाहनों बल्कि पैदल यात्रियों के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। कचरे और कीचड़ के कारण इस क्षेत्र से गुजरना बेहद कठिन हो गया है। विधानसभा चुनाव के बीच, खराब सड़कों और अधूरे कामों से परेशान नागरिक अपना गुस्सा व्यक्त कर रहे है। एक स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, "ये सड़कें तो जैसे मौत का जाल बन गई हैं। न कोई योजना, न कोई काम की समय सीमा। आखिर कब तक हम इस बदहाली को झेलते रहेंगे ?" चुनावी माहौल में इन अधूरे सड़क कार्यों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का आरोप है कि चुनाव के समय केवल वादे किए जाते है लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं को हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता। क्या भिवंडी की सड़कों की यह बदहाली चुनावी मुद्दा बनेगी? या फिर यह प्रशासन की उदासीनता की एक और कहानी बनकर रह जाएगी ? शहरवासी अब इस सवाल का जवाब मांग रहे हैं।

रिपोर्टर

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