
भिवंडी मनपा में योग्यता को ताक पर रख कर की गई नियुक्तियां ---जागरूक नागरिकों का विरोध
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Feb 20, 2025
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भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका के पदों पर अयोग्य अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर "जागृत नागरिक सामाजिक संस्था" के संस्थापक एवं अध्यक्ष सज्जाद बाबू शेख ने मनपा प्रशासन को पत्र लिखकर कड़ा ऐतराज जताया है। यही नहीं संस्था ने मनपा में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से नियुक्तियां करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। शेख का कहना है कि मनपा में कुछ महत्वपूर्ण पदों पर निष्क्रिय और अयोग्य व्यक्तियों की नियुक्ति से शहर के विकास कार्यों में बाधा आ रही है। संस्था के अनुसार, सहाय्यक आयुक्त, जनसंपर्क अधिकारी, भविष्य निर्वाह विभाग प्रमुख, बिजेपी अस्पताल प्रशासन आदि महत्वपूर्ण पदों पर अयोग्य व्यक्तियों की नियुक्ति की गई है। इससे प्रशासनिक कार्यों में अनियमितताएं बढ़ रही हैं और नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सज्जाद बाबू शेख ने अपने पत्र में कहा है कि "भ्रष्टाचार में लिप्त कई अधिकारी अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त कुछ कर्मचारियों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया गया है। जिसमें संजय माहणिक व श्रीकांत परदेशी भी शामिल हैं। संगठन ने मांग की है कि भिवंडी मनपा प्रशासन में हो रही इन गड़बड़ियों की तुरंत जांच की जाए और सभी नियुक्तियों को योग्यता के आधार पर किया जाए। इसके अलावा, मनपा प्रशासन द्वारा शहर के विकास और आर्थिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों को भी लटकाए जाने का आरोप लगाया गया है। पत्र में साफ कहा गया है कि "मनपा की सबसे बड़ी समस्या टैक्स की वसूली है। वसूली क्लर्क पिछले 15 से 20 साल तक एक ही कुर्सी पर बैठे हुए हैं। संस्था ने स्पष्ट कहा है कि "भ्रष्टाचार और अयोग्यता के कारण शहर का विकास रुका हुआ है, जिससे नागरिकों को भारी नुकसान हो रहा है।" उन्होंने प्रशासन से तुरंत इस मुद्दे पर संज्ञान लेने और योग्य अधिकारियों की नियुक्ति करने की मांग की है।
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