"मी पुन्हा येईल" – पूर्व आयुक्त अजय वैद्य की वापसी की चर्चा से भिवंडी मनपा में हलचल, भ्रष्ट अधिकारी फिर सक्रिय !

भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका में एक बार फिर से पूर्व आयुक्त अजय वैद्य की संभावित वापसी की चर्चा ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। “मी पुन्हा येईल” के कथन की तर्ज पर उनकी पुनः नियुक्ति को लेकर कुछ भ्रष्ट अधिकारियों में आशा की किरण जागी है। यही वजह है कि नगरपालिका के अंदर कुछ अधिकारी व कर्मचारी इस संभावित नियुक्ति को लेकर अफवाहें फैलाने में व्यस्त हैं, जबकि आम जनता और कर्मठ कर्मचारी इस बात से आशंकित हैं कि कहीं एक बार फिर पारदर्शिता की जगह भ्रष्टाचार को बढ़ावा न मिले।

भले ही प्रशासन में युवा आईएएस अधिकारी तैनात हों, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसने में अब तक सफलता नहीं मिली है। कई विभागों में खुलेआम भ्रष्टाचार जारी है और ज़िम्मेदार अधिकारी बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है। महानगरपालिका के कई अहम विभागों की कमान आज अनुभवहीन और अक्षम कर्मचारियों को सौंप दी गई है। नतीजतन, न तो विकास कार्यों में गति है और न ही नागरिकों की समस्याओं का समाधान हो पा रहा है। आम जनता को छोटी-छोटी बातों के लिए भी महीनों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

स्थापना विभाग में एक और हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है, जहां कई जीवित सेवानिवृत्त कर्मचारी को ‘मृत’ घोषित कर दिया गया। इस गंभीर गलती के बावजूद संबंधित विभाग प्रभारी गोसावी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों और आम नागरिकों में रोष व्याप्त है।

नगरपालिका के नागरिक अब जागरूक हो चुके हैं और पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं। वे नहीं चाहते कि फिर से ऐसे अधिकारी लौटें जिनके कार्यकाल में पारदर्शिता की जगह अफसरशाही और भ्रष्टाचार ने जन्म लिया हो। नगरवासी चाहते हैं कि योग्य, निष्पक्ष और कर्मठ अधिकारियों को ही जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि भिवंडी का विकास सही मायनों में हो सके।

रिपोर्टर

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