वेतन, वर्दी, आवास और पेंशन योजनाओं पर लटका है निर्णय

भिवंडी पालिका कर्मचारियों की समस्याओं पर यूनियन का हल्ला

भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर अखिल महाराष्ट्र जनरल कामगार यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन अध्यक्ष महेंद्र कुंभारे ने गुरुवार को पालिका आयुक्त अनमोल सागर को ज्ञापन सौंपकर वारिस अधिकार, यूनिफॉर्म सिलाई भत्ता, बकरीद भत्ता, अंशदान पेंशन योजना और अवैध तबादलों जैसे मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। कुंभारे ने आरोप लगाया कि वारिस अधिकार से जुड़े मामलों में प्रशासन की भ्रमित नीति के कारण निर्णय में देरी हो रही है। उन्होंने मांग की कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और वारिस अधिकार के लाभ आठ दिनों के भीतर दिए जाएं। यूनिफॉर्म सिलाई भत्ते को लेकर उन्होंने बताया कि दो साल पहले कर्मचारियों को यूनिफॉर्म का कपड़ा दिया गया था, पर अब प्रशासन सिलाई का पैसा देने के लिए दो साल पुरानी रसीद मांग रहा है। “इतने समय बाद कर्मचारी रसीद कहां से लाएंगे?” — कुंभारे ने सवाल किया। यूनियन का कहना है कि जिनको कपड़ा मिला है, उन्हें बिना रसीद की शर्त के सिलाई का पैसा दिया जाए। बकरीद भत्ते के मामले में यूनियन का आरोप है कि पिछले साल बकरीद के बाद दूसरे सप्ताह में भत्ता देने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। अंशदान पेंशन योजना पर यूनियन ने कहा कि 2005 के बाद नियुक्त 2,446 कर्मचारी इसके तहत आते हैं, लेकिन पालिका ने पहले कर्मचारियों की एलआईसी पॉलिसियां निकालीं और 2023 में अचानक बंद कर दीं। इसके बाद कर्मचारियों को खुद प्रीमियम भरने को कहा गया, जिससे आर्थिक संकट गहराया। 311 कर्मचारियों की पॉलिसियां इसलिए बंद हो गईं क्योंकि वेतन से पैसा काटा तो गया, लेकिन प्रीमियम जमा नहीं हुआ। अवैध तबादलों का मुद्दा उठाते हुए कुंभारे ने आरोप लगाया कि आस्थापना और स्वास्थ्य विभाग किसी के दबाव में काम कर रहा है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने आयुक्त से इन सभी समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की।

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