नवी मुंबई एयरपोर्ट नामकरण पर सियासत गरमाई

सांसद सुरेश म्हात्रे की राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी


15 दिन में घोषणा नहीं तो 25 हजार लोगों के साथ रैली, उड़ानें रोकने की धमकी


भिवंडी। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। भिवंडी लोकसभा क्षेत्र के राकांपा (शरद पवार गुट) सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा ने राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर एयरपोर्ट का नाम लोक नेता डी. बा. पाटिल के नाम पर घोषित नहीं किया गया तो वे 25 हजार लोगों के साथ सड़कों पर उतरकर जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे।सांसद ने स्पष्ट कहा कि 22 दिसंबर से मनकोली नाका, भिवंडी से विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी, जो 24 दिसंबर को एयरपोर्ट पहुंचेगी। “इसके बाद एयरपोर्ट से एक भी विमान उड़ने नहीं दिया जाएगा,” उन्होंने दो टूक कहा।

भिवंडी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद म्हात्रे ने राज्य सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए बताया कि 14 सितंबर को हुए आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 अक्टूबर को भूमिपुत्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आश्वासन दिया था कि दो से ढाई महीने के भीतर एयरपोर्ट का नामकरण डी. बा. पाटिल के नाम पर कर दिया जाएगा। म्हात्रे के अनुसार, “3 दिसंबर को दो महीने पूरे हो रहे हैं, लेकिन सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है, जबकि 25 दिसंबर से एयरपोर्ट उड़ानों के लिए शुरू होने जा रहा है।” सांसद ने मुख्यमंत्री पर यह कहते हुए आरोप लगाया कि वे झूठ बोल रहे हैं कि नामकरण प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया गया है। “हकीकत यह है कि केंद्र को कोई प्रस्ताव भेजा ही नहीं गया,” म्हात्रे ने दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार समुद्री भूमिपुत्रों की मांग को जानबूझकर अनदेखा कर रही है, जिससे पांच जिलों—रायगड, ठाणे, पालघर, मुंबई और नवी मुंबई—के समुदायों में भारी आक्रोश है।

20 दिन की "डेडलाइन", नहीं तो संघर्ष.......

सांसद म्हात्रे ने कहा कि सरकार के पास 20 दिन का समय है। “इस अवधि में यदि एयरपोर्ट को स्वर्गीय डी. बा. पाटिल का नाम नहीं दिया गया तो संघर्ष अनिवार्य होगा।”

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट