भिवंडी गुटखा तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है, विधानसभा में उठा मामला

भिवंडी।‌ भिवंडी शहर में गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा एक बार फिर विधानसभा में गूंजा। नागपुर में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भिवंडी पूर्व के विधायक रईस शेख ने आरोप लगाया कि भिवंडी गुटखा परिवहन और तस्करी का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है और इस पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है,मंगलवार को सदन में बोलते हुए विधायक रईस शेख ने कहा कि भिवंडी में बड़े पैमाने पर गोदाम और परिवहन व्यवसाय संचालित हो रहा है, जिसकी आड़ में गुजरात से तस्करी कर गुटखा लाया जा रहा है और पूरे इलाके में उसका वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठित तरीके से चल रही इस अवैध गतिविधि के कारण युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है, लेकिन इसे रोकने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है।उन्होंने सदन का ध्यान भिवंडी ग्रामीण क्षेत्र के पोगांव की ओर दिलाते हुए कहा कि वहां एक गुटखा फैक्ट्री पकड़ी गई थी, लेकिन कमजोर कानूनों के चलते आरोपी आसानी से जमानत पर रिहा हो गए। विधायक ने आरोप लगाया कि मौजूदा कानून इतने सख्त नहीं हैं कि गुटखा माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। रईस शेख ने राज्य सरकार से मांग की कि गुटखा तस्करी की कमर तोड़ने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक कानून को और कड़ा नहीं किया जाएगा, तब तक गुटखा माफियाओं पर कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी।इस पर मुख्यमंत्री ने सदन में जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि राज्य में गुटखा प्रतिबंध को और अधिक सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुटखा माफियाओं के खिलाफ कानून को मजबूत किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मकोका के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गुप्त सूचना के आधार पर भिवंडी में विशेष अभियान चलाकर गुटखा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ा जाएगा। विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद भिवंडी में गुटखा कारोबार पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद एक बार फिर जगी है।

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