किसानों को 98 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित, भू-अर्जन प्रक्रिया में आई तेजी

जिला संवाददाता संदिप कुमार

कैमूर - भारतमाला परियोजना के अंतर्गत वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कैमूर जिले में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। जिला प्रशासन द्वारा जारी 2 जनवरी 2026 तक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 640 रैयतों के बैंक खातों में अब तक कुल 98.31 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि सीधे भेजी जा चुकी है। प्रशासन ने अब तक कुल 771 आवेदनों पर कार्यवाही करते हुए 1 अरब 19 करोड़ 83 लाख 81 हजार 221 रुपये की कुल मुआवजा राशि का विस्तृत ब्योरा तैयार किया है, जिसमें से एक बड़े हिस्से का भुगतान सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। भुगतान के मामले में सबसे बेहतर स्थिति पैकेज-II की रही है, जहाँ अकेले 78.89 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए हैं।


वर्तमान में लगभग 100 से अधिक आवेदन सत्यापन के विभिन्न चरणों में लंबित हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, 13 आवेदन जीएम स्तर पर और 18 आवेदन पीडी स्तर पर प्रक्रियाधीन हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 3.44 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 18 आवेदनों का बैंक खाता सत्यापन और 82 आवेदनों का सीसी वाउचर निर्माण कार्य जारी है, जिसमें करीब 18 करोड़ रुपये की राशि फंसी है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरविंद कुमार ने सभी संबंधित किसानों से अपील की है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज जल्द से जल्द कार्यालय में जमा करें ताकि शेष भुगतान में देरी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी किसान को भुगतान में कोई तकनीकी बाधा आ रही है, तो वे सीधे उनसे मिलकर समस्या का समाधान करा सकते हैं।


कैमूर जिले के विकास के लिए मील का पत्थर मानी जा रही यह 6-लेन एक्सप्रेस-वे परियोजना वाराणसी से कोलकाता की दूरी और यात्रा समय को काफी कम कर देगी। भूमि अधिग्रहण की इस पारदर्शी और तेज प्रक्रिया पर किसान संघ मोर्चा कैमूर के जिलाध्यक्ष विमलेश पांडे और सचिव अनिल सिंह ने भी संतोष व्यक्त किया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जल्द से जल्द मुआवजा वितरण कार्य पूर्ण करना है ताकि एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य बिना किसी अवरोध के समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके और क्षेत्र के लोगों को इस महात्वाकांक्षी परियोजना का लाभ मिल सके।

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