कांग्रेस का मंच देखकर भागे सपाई विधायक रईस शेख

स्वागत की घोषणा होते ही केजीएन चौक की सभा से बनाई दूरी

भिवंडी। भिवंडी महानगरपालिका के 90 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी और घटनाक्रम तेज हो गए हैं। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के समर्थन में खुलेआम प्रचार कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक रईस कासम शेख शनिवार को एक बार फिर चर्चा में आ गए, जब वे कांग्रेस का मंच साझा किए बिना ही जनसभा स्थल से निकल गए। घटना भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र के केजीएन चौक की है, जहां कांग्रेस पार्टी की ओर से एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया था। सभा स्थल पर मंच सज चुका था और सपा विधायक रईस शेख के स्वागत की घोषणा भी की जा रही थी। इसी दौरान विधायक शेख वहां पहुंचे जरूर, लेकिन मंच पर जाने के बजाय शांतिनगर केजीएन चौक की ओर निकलकर चले गए,इस घटनाक्रम ने मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं को चौंका दिया।

 बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं को उम्मीद थी कि सपा के बागी विधायक रईस शेख मंच पर मौजूद रहकर कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से वोट की अपील करेंगे। हालांकि उनके मंच पर न आने से कांग्रेस पार्टी के स्थानीय उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं में कुछ देर के लिए निराशा देखी गई, लेकिन इसके बावजूद जनसभा के दौरान मंच से रईस शेख की जमकर तारीफ की गई।

इस जनसभा में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके अलावा भिवंडी शहर कांग्रेस अध्यक्ष रशीद ताहिर मोमिन, रानी अग्रवाल, जावेद फारूकी,सलाम शेख, इकबाल सिद्दीकी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र के सभी कांग्रेस उम्मीदवार मंच पर मौजूद थे। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक सेक्युलर विचारधारा वाली पार्टी है और अपने सिद्धांतों पर मजबूती से कायम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जिताना आवाम और जागरूक नागरिकों का काम है और जो भी लोग इस विचारधारा में विश्वास रखते हैं, उनका पार्टी में स्वागत है।प्रदेश अध्यक्ष ने अंबरनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे महाराष्ट्र में “अंबरनाथ पैटर्न” कायम हो चुका है और भिवंडी इससे अलग नहीं है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा देश में नाम हटाने की राजनीति कर रही है और कांग्रेस नेताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सपा विधायक रईस शेख का कांग्रेस मंच से दूरी बनाना आने वाले दिनों में नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे सकता है। मनपा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम भिवंडी की राजनीति में बढ़ती अनिश्चितता और अंदरूनी समीकरणों को उजागर करता है।

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