भिवंडी मनपा चुनाव में 11 राजनीतिक दलों का नहीं खुला खाता, शिवसेना (उद्धव) और मनसे की करारी हार

भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका चुनाव के नतीजों ने इस बार शहर की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। जहां सात राजनीतिक दलों को ही सफलता मिल सकी, वहीं 11 राजनीतिक पार्टियों का खाता तक नहीं खुल सका। इनमें शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जैसी प्रमुख पार्टियों की करारी हार सबसे अधिक चर्चा में रही।

इस चुनाव में कुल 18 राजनीतिक दलों के 317 उम्मीदवारों के साथ 121 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में थे। इस तरह कुल 438 उम्मीदवारों ने 90 सीटों के लिए चुनाव लड़ा। परिणामों में सामने आया कि 11 पार्टियों को एक भी सीट नसीब नहीं हुई, जबकि केवल सात दलों के उम्मीदवार ही जीत दर्ज कर सके।

सबसे खराब प्रदर्शन शिवसेना (उद्धव गुट) का रहा। पार्टी ने शहरभर में 28 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन एक भी प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सका। सभी उम्मीदवार तीसरे या चौथे स्थान पर सिमट गए। इसी तरह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) ने 24 प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन जनता ने पार्टी को पूरी तरह नकार दिया। वंचित बहुजन आघाड़ी के नौ प्रत्याशी भी एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सके। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (एकतावादी) ने आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे भी निराशा हाथ लगी।

आम आदमी पार्टी ने सात उम्मीदवार मैदान में उतारे थे और सभी को हार का सामना करना पड़ा। वहीं लोक हिंद पार्टी और लोक हिंद सेना ने पांच-पांच उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन दोनों ही दलों का खाता नहीं खुल सका। मनसे, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और पीस पार्टी ने दो-दो उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन इनमें से किसी को भी जीत नसीब नहीं हुई। इसके अलावा कई दलों के प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।

इसके उलट भिवंडी विकास आघाड़ी ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से तीन पर जीत दर्ज कर पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया।

एक उत्तरभारतीय और एक निर्दलीय को ही मिली सफलता......

इस चुनाव में उत्तरभारतीय समाज के लिए भी नतीजे निराशाजनक रहे। विभिन्न राजनीतिक दलों से करीब आधा दर्जन उत्तरभारतीय हिंदू उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, लेकिन भाजपा से प्रभाग क्रमांक 22 की उम्मीदवार क्षमा ठाकुर ही जीत दर्ज कर सकीं। उन्हें पूरे उत्तरभारतीय समाज का व्यापक समर्थन मिला। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों से चुनाव लड़ने वाले उत्तरभारतीय उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सके।

वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों की बात करें तो 90 सीटों के लिए 121 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन सिर्फ एक ही निर्दलीय उम्मीदवार जीत दर्ज कर सका। प्रभाग क्रमांक 22 से नितेश नामदेव एनकर ने बेहद रोमांचक मुकाबले में भाजपा के दिग्गज नेता श्याम अग्रवाल को मात्र 21 मतों से पराजित किया। नितेश एनकर को 6075 वोट मिले, जबकि श्याम अग्रवाल को 6054 मत प्राप्त हुए। कुल मिलाकर भिवंडी मनपा चुनाव के नतीजों ने कई राजनीतिक दलों के जनाधार पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले समय में शहर की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं।

रिपोर्टर

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