भाजपा के दिवंगत वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता के सुपुत्र समाज सेवक ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र पूछा क्या सवर्ण होना अपराध है ?

संवाददाता श्याम सुंदर पाण्डेय की रिपोर्ट 

दुर्गावती(कैमूर)-- प्रखंड क्षेत्र निवासी भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय विजय सिंह के पुत्र समाज सेवक अजीत सिंह द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र के माध्यम से उन्होंने पूछा क्या सवर्ण होना अपराध है?

माननीय प्रधानमंत्री 

श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी 

भारत सरकार

आदरणीय प्रधानमंत्री जी आपको एक गरीब सवर्ण जो भारतीय संविधान के अनुसार जन्म से ही अमीर और समृद्ध, शोषक, अपराधी माना जाता है का

 प्रणाम स्वीकार हो।

माननीय मै सामान्य वर्ग से आता हूं जिसे संविधान के द्वारा भारतीय संसाधन पर अधिकार के नाम पर कुछ भी प्राप्त नही होता है चाहे वो विद्यालय हो या चिकित्सालय ,  व्यापार हो या रोजगार, आखिर हमारा जुर्म क्या है...? 

सामान्य वर्ग होना हमारा जुर्म है या ब्राह्मण होना या क्षत्रिय या वैस्य होना हमारा जुर्म है..?

आदरनीय प्रधानमंत्री जी हमारा जन्म कहां और किस परिवार में हो ये तो भगवान तय करते हैं लेकिन भारतीय संविधान के अनुसार हमें सारी सुविधाओं से इस लिए वंचित किया जाता है क्योंकि हमारा हम किसी ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैस्य परिवार में हुआ  है, यह कहां तक उचित है..?

माननीय हमसे पढा़इ के नाम पर मोटा फिस लिया जाता है चाहे विद्यालय हो, महाविद्याल हो या विश्वविद्यालय... 

हम सामान्य वर्ग से एक एक फार्म भरने का हजारों रुपया लिया जाता है, चाहे हमारे पास जीवन जीने के लिये प्रयाप्त संसाधन हो या न हो... परिणाम स्वरूप सामान्य वर्ग के बच्चे बीच मे ही पढा़ई छोङ कर अपना भविष्य गर्त  छोङ आते है।

माननीय प्रधानमंत्री जी यदि हम 98% नम्बर  भी लाते हैं तब भी हमे महाविद्याल या विश्वविद्यालय मे दाखिला मिलना सम्भव नही होता है...

जबकी दुसरे वर्ग बाले को 33% पर दाखिला मिल जाता है..  ऐसा क्यों...?

आदरनीय प्रधानमंत्री जी अभी आपके शिक्षा मंत्रालय ने 40% से कम पर चिकित्सक बनाना शुरू किया है, लेकिन 99% पर भी जगह नही मिल रहा है... ऐसा क्यों..? सामान्य वर्ग... इतना खराब कैसे हो गया...? जबकी..

दुनियां प्रतिस्पर्द्धा मे कहां से कहां जा रही है हम गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को छोर कर कमजोर विधिहीन विवेकहीन छात्र को जबरदस्ती चिकित्सक वैज्ञानिक बना रहे हैं...? तेजस्वी मेधावी छात्र का रास्ता रोक रहे हैं... और भारत विश्व गुरु बनाने की बात कर रहे हैं... कैसे बानेगा भारत #विश्वगुरु क्या लंगड़े घोड़े से रेस जीती जा सकती है..? 

क्या 2047 तक विकसित भारत बना पायेंगे.. ? कृपया इस पर विचार अवश्य कीजियेगा...

माननीय प्रधानमंत्री जी, जातीय जनगणना का आधार क्या है..? जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी... 


तो फिर हमें यह क्यों  समझाया गया...  

दो बच्चों की हंस्ती से...

कटे जान्दगी मस्ती से....

हम दो हमारे दो..... और अब हम दो हमारे एक....

हमने अपनी जनसंख्या नियंत्रित कर लिया क्या यही हमारा अपराध है या सरकार के द्वारा दिया गया धोखा मान लें ... क्या ये मान लिया जाय कि सरकार  ने हम सामान्य वर्ग सवर्णों के साथ किया है।

माननीय प्रधानमंत्री जी, सामान्य वर्ग के छात्रों को जिस नौकरी के लिए आवदेन शुल्क हजार रुपया देना परता है उसी आवदेन  का शुल्क दुसरे वर्ग के लिए मात्र 100 रुपया.. ऐसा क्यों..?

आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सामान्य वर्ग के लिए आपने एसा कानून ला दिया जिसमें #SCST Act के तहत प्राथमिकी दर्ज होते ही ज्ञात अज्ञात के नाम से जेल में डालना शुरू कर देते हैं... चाहे वो प्राथमिकी बाद में झुठा ही सिद्ध क्यों न हो...

द्वेष बस किया गया  प्राथमिकी किसी एक समुदाय के लिए कितना घातक होता है... इसका अनुमान आप नहीं लगा सकते। निर्दोष सामान्य वर्ग जन्मजात अपराधी घोषित हो रहे है... जबकी उच्च न्यायालय  और सर्वोच्च न्यायालय मे लाखों झुठा और बेबुनियाद केस को माननीय न्यायाधीश उठा कर बाहर फेंक रहे हैं।

महाशय कुछ दिन पहले #UGC कानून ला दिया गया जिसमे आपने सामान्य वर्ग को छोङकर सभी वर्ग को सुरक्षित कर दिया लेकिन हमारे बच्चों को जन्मजात #अपराधी बना दिया क्या देश के लिये मरने मिटने का यही शिला है आप एक बार जाति से उफर उठकर सोचियेगा जरुर। 

भारत के विश्वविद्यालय खास कर जवाहर ललाल नेहरू विश्वविद्यालय मे ! दिल्ली विश्वविद्यालय में....

ब्राह्मण भारत छोङो का नारा बुलंद होता है... 

ब्राह्मण बनियां ठाकूर चोर का नारा बुलंद होता हैं...  

ब्राह्मण विदेशी है का नारा बुलंद होता है... 

इतना ही नही बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के दिवाल पर लाल रंग से लिखा जाता है... 

ब्राह्मण तेरी कब्र खुदेगी BHU की धरती पर.... जैसा कारनामा होता है ये आपको उचित लगता है..? यदि नही लगता है तो कोई भी प्रतिक्रिया सरकार के तरफ से अभी तक क्यों नही आया...?

डफली गेंग दिन रात... तिलक तराजु और तलवार गा गा कर हमे जुते मारने के लिये लोगों को उकसाता है ये किस आधार पर सही है कृपया विचार करियेगा...।

हमने अपना सब कुछ इस देश के लिये खोया है चाहे वो मुगल से,लङकर हो या अंग्रेज से लङ कर हो हमने देश पर बलिदान होने के लिये कभी नही सोचा क्योंकि हम भारत को सदैव से दुनिया मे प्रथम देखना पसंद करते हैं क्या यही हमारी गलती है..?

हम सवर्ण ने अपनी जान को न्यौछावर किया देश पर मर मिटने के लिए हमारे घर की महिलाएं अग्नि आहुति दी है देश के लिए... आज उन्हीं की बिटियों को गाली दी जा रही है... 

हमने अपना सब कुछ समर्पित किया देश के लिए चाहे धन संपति हो या रियासत के लिए अपना जमीन देना पड़ा हो ... शायद उसका ज्ञान नहीं है आपको ... नहीं तो आप सर्वणों के लिए दोहरी व्यवस्था का कानून नहीं बनाते।

माननीय प्रधानमंत्री जी, आज हम अपने ही देश मे पराये बन कर रह रहे हैं, कोई पाकिस्तान जाने को बोल रहा कोई बांग्ला देश जाने को बोल रहा कोई यूरेशिया जाने को बोल रहा है हमसे लोग 1000 साल से पानी नही पिने देने का झुठी कपोल कल्पना का दोष मढ़ रहे और आप चुप हैं, ऐसा क्यों...?

अन्त मे एक बात कहना चाहुंगा की हम सवर्ण  (ब्राह्मण,क्षत्रिय, भूमिहार, लाला और बनिया समाज ने  अपनी जगह देकर हजारों विद्यालय।,महाविद्याल, विश्वविधालय और चिकित्सालय खुलबाये हैं... उसके वावजूद हमारे ही साथ भेद भाव... ऐसा क्यों..?

आप जिस संगठन से से जीत कर  आप 3 बार मुख्यमंत्री और  3 बार  प्रधानमंत्री बने हैं वो संगठन भी किसी ब्राह्मण ने ही बनाया था, क्षत्रियों ने बाहुबल से और वैश्य ने धन से सिंचा है, आपका ऊंचा कद  और ऊंचे पद के पीछे  भी यही लोग है... आज आप उसे ही खत्म करना चाहते हैं.... आज उन्ही सब का कब्र खोदा जा रहा है, उन्हें ही जुते मारने की बात हो रहा है,   उन्हें ही विदेशी कहा जा रहा है...हमारे देवी देवता को खुले मंच से गाली दिया जा रहा है और सरकार मुक दर्शक बानी धृतराष्ट्र की तरह अन्धी बहरी गुंगी बनी हुई है क्या  ये उचित है....?

भारत सरकार सभी वर्ग के लिये योजना चलाती है sc st obc यहां तक अल्पसंख्यक मुसलमान  के लिये भी लेकिन सामान्य वर्ग के लिये कोई भी योजना क्यों नही...?

सरकार sc st obc मुसलमान के बच्चों को फ्री कोचिंग, फ्री कांपी-पेन फ्री परीक्षा फ्री नौकरी लेकिन सामान्य वर्ग के लिये ...

फ्री की गाली...फ्री  की आवाहेलना फ्री मार खाना दिया जाता है क्यों ...? 

माननीय प्रधानमंत्री जी आपने विनम्र आग्रह है की उपरोक्त बातों फर ध्यान जरुर केंद्रित करें।


आपके देश का एक स्वर्ण समाज का नागरिक....

अजित कुमार सिंह

रिपोर्टर

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